फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Women hunger strike in protest against the imposition of raisuka on 'Ravana'

'रावण' की मां आमरण अनशन पर बैठी, कई महिलाओं की हालत बिगड़ी

Sun, 12 Nov 2017 08:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sun, 12 Nov 2017 08:19 PM IST
विज्ञापन
Women hunger strike in protest against the imposition of raisuka on 'Ravana'
रावण की मां और अन्य महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

सहारनपुर में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण पर रासुका हटवाने की मांग को लेकर अपनी उसकी मां कमलेश ने भी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। रविवार को अपने बेटे और दलित महिलाओं के साथ रावण की मां छुटमलपुर के ज्योति किरण चौक पर पहुंची और आमरण अनशन पर बैठ गई। एक बार तो पुलिस उस आचार संहिता का हवाला देकर शाम के वक्त उठवाने में सफल हो गई। लेकिन कुछ देर बाद ही वह अनशन पर बैठ गई।

विज्ञापन


बता दें कि चंद्रशेखर उर्फ रावण छुटमलपुर की हरिजन कालोनी गली नंबर दो का रहने वाला है। प्रशासन द्वारा उस पर रासुका लगाने के बाद शब्बीरपुर में जहां दलित महिलाएं भूख हड़ताल कर रही हैं। वहीं जिले में जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अब इसी कड़ी में उसकी मां कमलेश देवी और भाई भगत सिंह रविवार सुबह दस बजे छुटमलपुर के ज्योति किरण चौक पर पहुंचे। यहां वे दरी बिछाकर बैठ गए। कमलेश ने जहां आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की, वहीं उसके साथ मौजूद महिलाएं क्रमिक अनशन पर बैठीं। 
विज्ञापन


अनशन की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। एक दरोगा ने उन्हें उठाने का प्रयास किया तो उसके साथ महिलाओं की नोंकझोंक हुई। अपराह्न तीन बजे पुलिस ने आचार संहिता को हवाला देते हुए महिलाओं को कार्रवाई का भय दिखा कर उठवा दिया। लेकिन दस मिनट बाद ही महिलाएं फिर से अनशन पर बैठ गईं। इसके बाद एसओ भानू प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाओं की उनके साथ बहस हो गई। देर शाम तक आमरण अनशन जारी थी और पुलिस बल मौके पर तैनात था। इस दौरान भगत सिंह, ओमवती, प्रमिला, लोकेश देवी, महेंद्री, रुपचंद, बाला, रोशना, मुकेश, सुशीला, प्रकाशी, सरोज, सरस्वती, मतलेश, वीर मति आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें : 'रावण' ने पेशी के बाद कहा, रासुका से नहीं लगता डर

Women hunger strike in protest against the imposition of raisuka on 'Ravana'
भूख हड़ताल पर बैठी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर रावण और गांव शब्बीरपुर के प्रधान पर रासुका लगाने जाने के विरोध में गांव रामनगर में तीसरे दिन भी महिलाओं की भूख हड़ताल जारी रही। महिलाओं की हालत बिगड़ने लगी है। उधर, प्रशासनिक अफसर हड़ताल खत्म कराने के प्रयास में जुटे हैं।

गांव रामनगर स्थित अंबेडकर भवन में रविवार को भी महिलाओं की भूख हड़ताल जारी रही। इस दौरान उर्मिला, करेशनी, उर्मती और बबीता की हालत खराब होती जा रही है। महिलाओं का कहना है कि जब तक चंद्रशेखर रासुका को नहीं हटाया जाएगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। एसडीएम ने गांव पहुंचकर महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी हैं। सरकारी चिकित्सक भी मौके पर पहुंचकर महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। कुसुम, राकेश, कमला, संतलेश, प्रमिला आदि शामिल रही। उधर, शब्बीरपुर में भूख हड़ताल के दौरान हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई उर्मिला, सोमपाली और रामरति का उपचार चल रहा है।

भीम आर्मी का किसी राजनीतिक दल से कोई मतलब नहीं
गांव रामगढ़ में भीम आर्मी एकता मिशन की बैठक का आयोजन किया गया। महानगर अध्यक्ष प्रवीण गौतम ने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां दलित-मुस्लिमों से भीम आर्मी के नाम पर वोट मांग रही हैं। बैनर और पोस्टर लगाकर बहुजन समाज को गुमराह किया जा रहा है। भीम आर्मी का किसी राजनीतिक दल से कोई मतलब नहीं है। भीम आर्मी अराजनैतिक संगठन है। भीम आर्मी के कार्यकर्ता बाबा साहेब डा. भीमराव और कांशीराम के मिशन को लेकर चल रहे हैं। भीम आर्मी के नाम पर जो वोट मांगेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed