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SSP दफ्तर में महिलाओं ने किया जबरदस्त हंगामा, जीप तोड़ी और दरोगा को पीटा

Thu, 27 Jul 2017 02:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर Updated Thu, 27 Jul 2017 02:52 PM IST
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Women fumed in the SSP office, demolition of police jeep
एसएसपी ऑफिस में महिलाओं का हंगामा

सहारनपुर में सोमवार को गुस्साए लोगों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर हंगामा कर दिया। इस दौरान महिलाएं भी पहुंचीं और पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। इतना ही नहीं जब पुलिस ने उन्हें ऑफिस में घुसने से मना किया तो उन्होंने दरोगा के साथ भी हाथापाई कर दी। उल्लेखनीय है कि करीब एक सप्ताह पहले अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा और उनके मुंशी विकास कुमार लापता हो गये थे। इसके बाद पुलिस ने खुलासा किया था कि वकील और मुंशी की बदमाशों ने हत्या कर दी। लेकिन पुलिस को अभी तक उनके शव नहीं मिले है। पुलिस की कार्रवाई से नाखुश होते हुए विजय राणा के ससुरालियों ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस में जमकर हंगामा किया। साथ ही पुलिस प्रशासन पर कई सवाल भी उठाए।

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बता दें कि अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा के साथ हत्यारोपियों ने मुंशी विकास कुमार की भी हत्या कर दी। मुंशी विकास 24 जून को अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा के साथ ही रुड़की गया था।

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हत्यारोपियों ने दिग्विजय की हत्या करने की साजिश रची थी

Women fumed in the SSP office, demolition of police jeep
एसएसपी दफ्तर में महिलाओं का हंगामा

एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह के अनुसार हत्यारोपियों ने दिग्विजय की हत्या करने की साजिश रची थी। उनके अनुसार प्रवीण ने दिग्विजय सिंह को ठिकाने लगाने के लिए दो साथियों को बुलाया, लेकिन जब दिग्विजय सिंह उनसे मिला तो उसके साथ मुंशी विकास भी था। मुंशी विकास को देखकर उन्हें अपनी साजिश फेल होती नजर आई। एसपी सिटी का कहना है कि प्रवीण ने उस दिन हत्या का प्लान छोड़ दिया। लेकिन उसके साथियों ने उसको उकसाया। उन्होंने प्रवीण को कहा कि दिग्विजय और मुंशी सिर्फ दो ही लोग हैं और वे तीन। वे तीनों मिलकर दोनों को संभाल लेंगे। जिस पर प्रवीण ने अपनी साजिश को अंजाम देने की ठान ली। तीनों ने मिलकर दिग्विजय सिंह और मुंशी विकास को खूब शराब पिलाई । एसपी सिटी ने बताया कि जब प्रवीण ने दिग्विजय और विकास को धक्का दिया तो दिग्विजय का संतुलन बिगड़ चुका था और वह गिर रहा था, जबकि विकास धक्का देने के बावजूद गिरने से संभल रहा था, तभी गिरते हुए दिग्विजय ने बचने के लिए विकास का हाथ पकड़ लिया और दिग्विजय के साथ मुंशी भी खिंचता हुआ गंग नहर में समा गया।

उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता दिग्विजय सिंह राणा और उनके मुंशी विकास कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने न तो अभी तक शव को बरामद किया और न ही मोबाइल के अलावा कोई अन्य सामान ही बरामद किया। पुलिस के पास हत्या का कोई सुबूत भी नहीं है, फिर भी पुलिस ने हत्या का न सिर्फ खुलासा कर डाला। बल्कि हत्या के आरोप में तीन लोगों को जेल भी भेज दिया।

वकील और मुंशी हत्याकांड

Women fumed in the SSP office, demolition of police jeep
महिलाओं ने किया हंगामा

वकील और मुंशी हत्याकांड में पुलिस की कहानी किसी के भी गले नहीं उतर रही है। पुलिस ने सिर्फ अधिवक्ता का मोबाइल बरामद किया है। यह बरामदगी पुलिस ने ग्राम पाड़ली गुर्जर निवासी दो लोगों से की है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों से दिग्विजय सिंह राणा का मोबाइल बरामद किया है, उन्होंने इस मोबाइल को 28 जून को नहर में बह रहे शव की जेब में से निकाला था, जबकि पुलिस की कहानी के अनुसार प्रवीण ने दिग्विजय और उनके मुंशी विकास को 24 जून को गंगनहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी। हत्या के पांचवें दिन मोबाइल को निकाला गया। तब तक मोबाइल पानी में डूबे दिग्विजय सिंह की जेब में कैसे सुरक्षित रहा। इसके अलावा दो लोगों ने शव देख लिया और उसकी जेब से मोबाइल निकाल लिया, लेकिन उन्होंने भी किसी को सूचना नहीं दी। मोबाइल निकालकर शव को बहा दिया। पानी में इतने दिन रहने के बाद मोबाइल में से पुलिस ने डाटा भी निकाल लिया।      
 
नगर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि दिग्विजय सिंह का प्रापर्टी के लेनदेन के चेक बाउंस का केस रुड़की में चल रहा था। उसके मामले में दिग्विजय सिंह रुड़की गया था। जबकि पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवीण ने ही फोन करके जबरन उसे रुड़की बुलाया और गंग नहर पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस की कहानी में 75 हजार रुपये के लिए प्रवीण ने हत्या की। जबकि प्रवीण का अपनी पत्नी से तलाक का केस चल रहा था और पत्नी के नोटिस मिलने पर उसने दिग्विजय सिंह को जवाब देने के लिए अपना वकील बनाया। पुलिस का कहना है कि 75 हजार रुपये पहले ही वकील को दे दिए गए थे। ऐसे में प्रवीण के पास हत्या का कोई कारण नहीं बनता। पुलिस की कहानी में एक और हत्या का कारण पत्नी को अपशब्द कहना बताया गया है। जबकि प्रवीण और उसकी पत्नी का तलाक का मामला चल रहा था तो अपशब्द को लेकर इतना बड़ा कदम उठाने का औचित्य किसी की समझ में नहीं आया।

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23 तक पैसे नहीं थे, 24 को कैसे आ गए

Women fumed in the SSP office, demolition of police jeep
पुलिस के साथ हाथापाई

पुलिस की कहानी में यह भी कहा गया कि प्रवीण ने दिग्विजय को कई बार फोन किया। प्रवीण का कहना था कि वह पत्नी के तलाक के नोटिस के जवाब की तारीख नजदीक आने के कारण वह उससे बार-बार फोन कर रहा था। एसपी सिटी का यह भी कहना है कि जिस दिन दिग्विजय सिंह रुड़की में प्रवीण के साथ था तो उसने फोन करके अपने परिजनों को उसके साथ होने की सूचना भी दी थी। जब परिजनों को यह जानकारी पहले से थी कि अंतिम बार दिग्विजय सिंह प्रवीण के साथ था तो पुलिस ने 20 दिन से गायब होने के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की। दिग्विजय सिंह से कोई विवाद था तो फिर मुंशी विकास की हत्या का कारण क्या था, पुलिस के पास अभी तक इसका कोई जवाब नहीं है।     
 
पुलिस की कहानी में यह भी बताया गया है कि 23 जून को दिग्विजय सिंह ने प्रवीण से 75 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन प्रवीण ने पैसे का इंतजाम करने के लिए कुछ समय मांगा था। पुलिस के ही अनुसार  24 जून को ही अचानक प्रवीण के पास पैसे आ गए और प्रवीण को यह भी पता चल गया कि दिग्विजय सिंह रुड़की जा रहा है। फिर पैसे देने के लिए फोन करके बुला भी लिया और गंगनहर में धक्का देकर हत्या कर दी।

फजीहत से बचने के लिए पुलिस ने की जल्दबाजी

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पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़

पुलिस की कहानी में झोल ही झोल है। बीस दिन से तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन जैसे ही सुबह अधिवक्ताओं ने जाम लगाया। अपनी फजीहत होते देख पुलिस ने शाम तक आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया, हत्या की कहानी भी बन गई और हत्या का खुलासा भी कर डाला। 

प्रवीण ही ले गया था पानी का नजारा दिखाने 
पुलिस के अनुसार प्रवीण ने विकास और दिग्विजय सिंह को नशे में धुत कर दिया था। दोनों के कदम भी डगमगा रहे थे। उनकी हालत देख प्रवीण ने अपनी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की। एसपी सिटी पीपी सिंह ने बताया कि उसने गंगनहर के तट के बिल्कुल किनारे पर खड़े होकर पानी के नजारे की तारीफ करनी शुरू कर दी। उसके बाद दोनों को पकड़कर अपने साथ नजारा दिखाने के लिए बिल्कुल किनारे पर ले गया। प्रवीण के एक ओर दिग्विजय सिंह खड़ा था और दूसरी ओर विकास। अचानक प्रवीण बीच में से पीछे हटा और पूरी ताकत से दोनों को गंग नहर में धक्का दे दिया।

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