महिला आयोग की उपाध्यक्ष बोलीं, ‘बुजुर्ग के साथ दुर्घटना हुई तो परिवार का मुखिया जिम्मेदार’
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बागपत जनपद में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में रविवार राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने महिला उत्पीड़न के 550 मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से सवाल जवाब किए। उसके बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि शामली में गड़बड़ी पकड़ी थी। उसके बाद उन्होंने खेकड़ा में जांच पड़ताल की तो यहां भी कई अनियमितता मिली थी, जिसमें कार्रवाई कराई गई थी।
बताया कि अब नया नियम बनाया गया कि वृद्धाश्रम में किसी बुजुर्ग के साथ दुर्घटना होती है तो परिवार के मुखिया को नोटिस जारी किया जाएगा, इसमें चाहे पति हो या बेटा। उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व बड़ौत क्षेत्र के एक गांव में मृत महिला के पास बच्ची मिली थी, जो घायल थी। उसकी पढ़ाई-लिखाई और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था कराई जाएगी। खेकड़ा क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में परिजनों को रानी लक्ष्मीबाई सम्मान निधि नहीं मिली है। इसका कारण है आरोपी द्वारा आत्महत्या कर लेना।
इस मामले में आरोपी के बयान के बाद ही योजना का लाभ दिया जाता है। इस संबंध में डीएम के साथ वार्ता की गई। उनके माध्यम से प्रमुख सचिव को योजना का लाभ दिलाने के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं उत्पीड़त महिला को लखनऊ के चक्कर न लगाने पड़, इसके लिए व्हाटसएप नंबर 9306511708 जारी किया है। इस पर कॉल नहीं होगी। पीड़िता अपना शिकायत पत्र, फोटो आईडी और अन्य जानकारी दे सकती है।
उन्होंने कहा वृद्धाश्रम में वृद्धों की सेवा के लिए शासन विभिन्न सुविधाएं दी जाती हैं।10 लाख रुपये माह खर्च होते हैं, लेकिन पूरा खर्च नहीं करते। इसकी समीक्षा करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। इसके बाद उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने सोमवार को मेरठ के महिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया।