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मात्र 3600 रुपये में सहेजेंगे रोजाना 500 लीटर पानी

Thu, 24 Jun 2021 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jun 2021 02:00 AM IST
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Will save 500 liters of water daily for just Rs 3600
मेरठ। पानी के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए आम लोगों को आगे आकर कमान संभालनी होगी। इसके लिए कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने वर्षा जल संचयन के लिए मॉडल तैयार कराए हैं। जिससे आप आसानी से घर में लगाकर प्रतिदिन 500 लीटर पानी बचा सकते हैं। इसमें मात्र 3600 रुपये खर्च आएगा। इसी को अमलीजामा पहनाने के लिए कमिश्नर ने प्राधिकरण अधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागों की वर्चुअल बैठक लेकर निर्देश दिए। उन्होंने घरों के स्तर पर सोख्ता गड्ढ़ा, स्टोरेज टैंक आदि मॉडल प्रस्तुत किए। अधिकारियों से कहा कि इन मॉडलों को बनाने के लिए मिशन मोड में कार्य शुरू कर दिया जाए।
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कमिश्नर ने प्राधिकरण अधिकारियों को 300 वर्ग मीटर से अधिक के मकानों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसे मानचित्र में दर्शाया जाए और भवन निर्माण के बाद सत्यापन किया जाए। मुख्य विकास अधिकारियों को नए तालाब खोदाई, तालाबों के जीर्णोद्धार, खेल मैदान विकसित करने सहित अन्य कार्योँ को सौंपा गया। कमिश्नर ने कहा कि इन्हीं कार्यों के आधार पर ही उनके कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने नदियों और नालों के जीर्णोद्धार के लिए 100-150 मीटर के क्षेत्रों को निजी संस्थाओं को गोद लेने के लिए कहा। जिससे वहां साफ-सफाई, पौधरोपण किए जा सके।
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ये हैं मॉडल
1. व्यक्तिगत घरों के स्तर पर
सोख्ता गड्ढा - इस सोखते गड्ढे को मात्र 3600 रुपये की लागत से बनाया जा सकता है। इससे प्रतिदिन लगभग 500 लीटर बेकार पानी का लगभग पांच से छह वर्षों के लिए संचयन किया जा सकता है। ये वहां बनाया जाता है जहां निरंतर जलभराव होता है, अथवा पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है।
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पीवीसी ड्रम मॉडल - इसे मात्र 3500 रुपये में तैयार किया जा सकता है। इसके लिए 200 लीटर का पीवीसी ड्रम लेकर शुरुआत की जा सकती है। इसके लिए ईंट, चेंबर और पीवीसी पाइप की जरूरत होती है। बिल्डिंग के ऊपर एकत्र हो रहे पानी का संचयन करने के लिए मॉडल है।

2. सार्वजनिक स्तर पर
बोरवेल रिचार्ज - इसके लिए ट्विन रिंग विधि को अपनाना होगा। एक तालाब आठ फीट गहरा होना चाहिए। इसका निर्माण बोरवेल के करीब करना होगा, जिससे वर्षा का जल इकट्ठा किया जा सके। यह काम जेसीबी से किया जाता है। एक बोरवेल रिचार्ज में 35 हजार रुपये का खर्च आता है।
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