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Meerut News: मुख्यमंत्री से करेंगे नगर पालिका लिपिक के भ्रष्टाचार की शिकायत
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सरधना। नगर पालिका में वरिष्ठ लिपिक 27 साल से तैनात हैं। पत्रावली में धांधली के मामले में मुकदमा दर्ज और कमिश्नर के आदेश पर सस्पेंड भी किया जा चुका है। इसके बावजूद लिपिक उसी पटल पर तैनात है। लगातार शिकायतों के बाद भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सभासद नौ मार्च कोे सलावा में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर लिपिक के भ्रष्टाचार की शिकायत करेंगे।
नगर पालिका के सभासदों ने 27 साल से तैनात लिपिक की एडीएम प्रशासन और एसडीएम से शिकायत की थी। शिकायत पत्र में आरोप लगाया था कि कार्यवाहक प्रधान लिपिक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। नियमानुसार इतने लंबे समय तक कोई लिपिक एक ही पटल या पालिका में नहीं रह सकता। सभासदों ने लिपिक को हटाने और संपत्ति की जांच कराने की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर नौ मार्च को सलावा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने पर शिकायत करने के लिए सभासद रणनीति बना रहे हैं।
वहीं, अधिकारियों ने लिपिक की जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। जांच के दौरान लिपिक को पटल से हटाया जा सकता है। लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद कई बार विजिलेंस की टीम छापा मारने के लिए पहुंची, मगर इससे पहले लिपिक व अन्य कर्मचारी मौके से दीवार फांदकर भाग गए। इसके बाद से पालिका में सभी पटल कार्यालयों के दरवाजे भी बंद कर दिए गए हैं। पालिका प्रशासन को एंटी करप्शन टीम का डर सता रहा है।
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पटल कार्यालय के दरवाजे बंद होने का भी सभासद और जनता विरोध कर रही है। वहीं, पालिका का मुख्य गेट भी बंद रखा जाता है और रजिस्टर में एंट्री के बाद पूछताछ करते हुए कार्यालय में जाने दिया जाता है। एडीएम प्रशासन बलराम सिंह का कहना है कि सभासदों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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नगर पालिका के सभासदों ने 27 साल से तैनात लिपिक की एडीएम प्रशासन और एसडीएम से शिकायत की थी। शिकायत पत्र में आरोप लगाया था कि कार्यवाहक प्रधान लिपिक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। नियमानुसार इतने लंबे समय तक कोई लिपिक एक ही पटल या पालिका में नहीं रह सकता। सभासदों ने लिपिक को हटाने और संपत्ति की जांच कराने की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर नौ मार्च को सलावा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने पर शिकायत करने के लिए सभासद रणनीति बना रहे हैं।
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वहीं, अधिकारियों ने लिपिक की जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। जांच के दौरान लिपिक को पटल से हटाया जा सकता है। लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद कई बार विजिलेंस की टीम छापा मारने के लिए पहुंची, मगर इससे पहले लिपिक व अन्य कर्मचारी मौके से दीवार फांदकर भाग गए। इसके बाद से पालिका में सभी पटल कार्यालयों के दरवाजे भी बंद कर दिए गए हैं। पालिका प्रशासन को एंटी करप्शन टीम का डर सता रहा है।
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पटल कार्यालय के दरवाजे बंद होने का भी सभासद और जनता विरोध कर रही है। वहीं, पालिका का मुख्य गेट भी बंद रखा जाता है और रजिस्टर में एंट्री के बाद पूछताछ करते हुए कार्यालय में जाने दिया जाता है। एडीएम प्रशासन बलराम सिंह का कहना है कि सभासदों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।