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Meerut News: कहां जाएं बीमार...मेडिकल में रेडियोथैरेपी का संकट बरकरार

Mon, 19 Dec 2022 09:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Dec 2022 09:00 AM IST
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Where to go the sick the crisis of radiotherapy continues in the medical
कहां जाएं बीमार...मेडिकल में रेडियोथैरेपी का संकट बरकरार
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मेरठ। गढ़ रोड के रहने वाले जगपाल (53) को गले में कैंसर है। रेडियोथैरेपी करानी है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण निजी अस्पतालों में करवा नहीं पा रहे हैं और मेडिकल कॉलेज में नए मरीजों की रेडियोथैरेपी बंद हैं। दरअसल, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में सात साल बाद शुरू हुई कैंसर के मरीजों की रेडियोथैरेपी का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पांच माह हो गए नए मरीजों की रेडियोथैरेपी अभी भी अटकी हुई है।
मेडिकल कॉलेज में रेडियो एक्टिव सोर्स कोबाल्ट 60 की मदद से रेडियोथैरेपी होती है। इसकी क्षमता क्षीण हो गई थी, जिस कारण सात मई 2015 से रेडियोथैरेपी नहीं हो रही थी। तभी से हर साल कैंसर के 500 से अधिक लोगों को अलीगढ़ और जीटीबी रेफर किया जा रहा था। कोबाल्ट 60 आने के बाद 19 मई 2022 को रेडियोथैरेपी शुरू की गई। हालांकि इसका विधिवत शुभारंभ 22 मई को कमिश्नर और जिलाधिकारी ने किया। इसके बाद विकिरण अधिकारी डॉ. एके तिवारी 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए। परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के निर्देशानुसार जब तक कोई विकिरण अधिकारी नहीं आएगा, तब तक यह सुविधा नए मरीजों के लिए शुरू नहीं हो पाएगी। इसके बाद 15 जुलाई को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नए विकिरण अधिकारी की नियुक्ति कर दी और रेडियोथैरेपी चालू करने की तैयारी कर ली लेकिन उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया। इस कारण परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से विकिरण अधिकारी के तौर पर रेडियोथैरेपी शुरू करने की अनुमति नहीं मिल पा रही है।
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विकिरण अधिकारी के लिए चल रही बात
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि नए विकिरण अधिकारी की नियुक्ति के लिए बात चल रही है। गाजियाबाद से एक विकिरण अधिकारी जल्द आ सकते हैं। नए मरीजों के लिए रेडियोथैरेपी शुरू होने में अभी दिक्कत है।
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मेडिकल में एक माह में लगते हैं 700 रुपये
मेडिकल में एक दिन की सिकाई के 35 रुपये लगते हैं। एक माह में सामान्यत: 20 सिकाई होती हैं। इस तरह एक माह का खर्च 700 रुपये आता है। इतनी सिकाई के निजी अस्पताल एक से डेढ़ लाख रुपये तक लेते हैं।
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