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मौसम में बदलाव जारी: तापमान बढ़ा, टूटा 17 साल का रिकॉर्ड, सबसे गर्म रहा रविवार का दिन
Mon, 01 Mar 2021 10:34 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 01 Mar 2021 10:34 AM IST
सार
- कल से सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ, गर्मी से राहत के आसार
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weather meerut
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
लगातार बढ़ रहे तापमान ने 17 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रविवार का दिन इस सीजन में सबसे गर्म रहा। दिन का तापमान 31.7 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार दिन का तापमान सामान्य से सात डिग्री ज्यादा चल रहा है, जो 17 साल में सबसे ज्यादा रहा। दो मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिस कारण से तीन मार्च से जम्मू, हिमाचल, उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश मेें 3 से 5 मार्च तक तापमान में दो से तीन डिग्री गिरावट की संभावना है। वहीं, रविवार को एक्यूआई 195 दर्ज किया गया।
गेहूं की पछेती फसल पर खतरा
कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर के अनुसार एक सप्ताह से बढ़ रहा तापमान गेहूं की फसल के लिए सही नहीं है। सबसे ज्यादा पछेती गेहूं की फसल को नुकसान होगा। इस समय तापमान 25 डिग्री के आसपास होना चाहिए, लेकिन 31 के पार पहुंच रहा है, जिससे गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ता है। पछेती गेहूं की बुवाई जनवरी तक की जाती है और फरवरी में ही तापमान 30 के पार पहुंच गया, जो चिंता का विषय है।
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3 से 5 मार्च तक दो से तीन डिग्री गिरावट की संभावना
17 साल में 28 फरवरी का तापमान
वर्ष अधिकतम
2021 31.7
2020 26.7
2015 25.4
2010 29.6
2006 25.8
2005 27.4
(नोट : आंकड़े डिग्री सेल्सियस में हैं)
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार दिन का तापमान सामान्य से सात डिग्री ज्यादा चल रहा है, जो 17 साल में सबसे ज्यादा रहा। दो मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिस कारण से तीन मार्च से जम्मू, हिमाचल, उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश मेें 3 से 5 मार्च तक तापमान में दो से तीन डिग्री गिरावट की संभावना है। वहीं, रविवार को एक्यूआई 195 दर्ज किया गया।
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गेहूं की पछेती फसल पर खतरा
कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर के अनुसार एक सप्ताह से बढ़ रहा तापमान गेहूं की फसल के लिए सही नहीं है। सबसे ज्यादा पछेती गेहूं की फसल को नुकसान होगा। इस समय तापमान 25 डिग्री के आसपास होना चाहिए, लेकिन 31 के पार पहुंच रहा है, जिससे गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ता है। पछेती गेहूं की बुवाई जनवरी तक की जाती है और फरवरी में ही तापमान 30 के पार पहुंच गया, जो चिंता का विषय है।
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3 से 5 मार्च तक दो से तीन डिग्री गिरावट की संभावना
17 साल में 28 फरवरी का तापमान
वर्ष अधिकतम
2021 31.7
2020 26.7
2015 25.4
2010 29.6
2006 25.8
2005 27.4
(नोट : आंकड़े डिग्री सेल्सियस में हैं)