मानसून मेहरबान: पश्चिमी यूपी में सीजन से भी 78 प्रतिशत ज्यादा बरसे बदरा, जुलाई में 462 मिमी. हुई बारिश
पश्चिमी यूपी में इस बार इंद्रदेव मेहरबान हैं। मेरठ और मुजफ्फरनगर में जुलाई माह में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। मेरठ में एक जून से 30 जुलाई तक 531 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि जुलाई माह में कुल 462 मिमी. बरसात हुई।
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इस बार गुजरात में आए चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के चलते मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी। तभी से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार पश्चिम यूपी पर इंद्रदेव की मेहरबानी रही। वेस्ट यूपी के 8 जिलों में सबसे ज्यादा बारिश मुजफ्फरनगर और मेरठ में हुई है।
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मेरठ में बारिश 78 प्रतिशत अधिक रही, जबकि मुजफ्फरनगर में 91 प्रतिशत अधिक हुई। गाजियाबाद में 38 प्रतिशत कम व गौतमबुद्वनगर में 34 प्रतिशत बारिश कम दर्ज की गई। जुलाई में पिछले करीब तीन दशक में 462 मिमी दर्ज की गई।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. यूपी शाही का कहना है कि 1 जून से 30 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में औसत 295 मिमी. वर्षा हुई है, जो इसी अवधि में सामान्य से 16 प्रतिशत कम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसतन वर्षा 367 मिमी हुई है, जो सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 35 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
जिलों में बारिश का ब्योरा
जिला बारिश (मिमी.) बारिश का अनुपात
मेरठ 531 78 प्रतिशत अधिक
मुजफ्फरनगर 597 91 प्रतिशत अधिक
शामली 300 5 प्रतिशत अधिक
सहारनपुर 619 60 प्रतिशत अधिक
बिजनौर 702 61 प्रतिशत अधिक
बागपत 489 34 प्रतिशत अधिक
गाजियाबाद 130 38 प्रतिशत कम
गौतम बुद्वनगर 137 34 प्रतिशत कम
नोट : आंकड़े एक जून से 30 जुलाई तक के हैं।