{"_id":"6abb3888a24f57dde30fcb7a","slug":"weather-changes-after-rain-foggy-conditions-like-december-in-baghpat-2026-09-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: सितंबर में कोहरे का दिसंबर जैसा नजारा, ईपीई पर लाइट जलाकर रेंगते रहे वाहन, लोगों ने किया सर्दी का अहसास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: सितंबर में कोहरे का दिसंबर जैसा नजारा, ईपीई पर लाइट जलाकर रेंगते रहे वाहन, लोगों ने किया सर्दी का अहसास
Tue, 29 Sep 2026 09:54 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 29 Sep 2026 09:54 AM IST
सार
बागपत जिले में सितंबर में दिसंबर जैसा घना कोहरा देखा गया। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कोहरे की चादर की वजह से वाहन रेंगते रहे। चालकों को अपनी गाड़ियों की लाइट जलाकर धीरे-धीरे आगे बढ़ना पड़ा।
विज्ञापन
Weather changes
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रटौल इलाके में मंगलवार सुबह सितंबर के महीने में दिसंबर जैसा घना कोहरा देखा गया। घने कोहरे के कारण सूरज की किरणें भी धरती तक नहीं पहुंच पाईं। इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव से जनजीवन प्रभावित हुआ।
क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही थी। इसी बूंदाबांदी के चलते मंगलवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। पूरे इलाके में कोहरे की चादर इतनी घनी थी कि दृश्यता बहुत कम हो गई।
विज्ञापन
क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही थी। इसी बूंदाबांदी के चलते मंगलवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। पूरे इलाके में कोहरे की चादर इतनी घनी थी कि दृश्यता बहुत कम हो गई।
विज्ञापन
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। चालकों को अपनी गाड़ियों की लाइट जलाकर धीरे-धीरे आगे बढ़ना पड़ा। खेतों में चारा लेने निकले ग्रामीण और सुबह की सैर पर गए लोग ठंड महसूस करने लगे। लोगों ने अचानक बढ़ी ठंड से बचने के लिए अपने सिर पर कपड़े ओढ़ लिए। यह नजारा आमतौर पर दिसंबर के महीने में देखने को मिलता है।
विज्ञापन
असामान्य मौसम का कारण
पिछले दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी को इस मौसम परिवर्तन का मुख्य कारण माना जा रहा है। सितंबर में आमतौर पर ऐसा घना कोहरा नहीं पड़ता है। अचानक हुई बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट आई। इससे वातावरण में नमी बढ़ गई और घना कोहरा छा गया। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए काफी आश्चर्यजनक थी।
पिछले दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी को इस मौसम परिवर्तन का मुख्य कारण माना जा रहा है। सितंबर में आमतौर पर ऐसा घना कोहरा नहीं पड़ता है। अचानक हुई बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट आई। इससे वातावरण में नमी बढ़ गई और घना कोहरा छा गया। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए काफी आश्चर्यजनक थी।
यातायात पर असर
घने कोहरे के कारण ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। चालकों को कम दृश्यता में वाहन चलाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहनों की गति धीमी करनी पड़ी। खेतों में काम करने वाले और सुबह की सैर पर निकले लोगों को भी ठंड का एहसास हुआ। उन्हें सामान्य से अधिक ठंड महसूस हुई और उन्होंने खुद को गर्म रखने के लिए कपड़े ओढ़े।
घने कोहरे के कारण ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। चालकों को कम दृश्यता में वाहन चलाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहनों की गति धीमी करनी पड़ी। खेतों में काम करने वाले और सुबह की सैर पर निकले लोगों को भी ठंड का एहसास हुआ। उन्हें सामान्य से अधिक ठंड महसूस हुई और उन्होंने खुद को गर्म रखने के लिए कपड़े ओढ़े।