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Meerut News: बदला मौसम, उड़ती धूल, अस्थमा रोगियों की सांस रही फूल
Thu, 26 Oct 2023 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 26 Oct 2023 01:01 AM IST
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सहारनपुर। बदलता मौसम और सड़कों से उड़ती धूल ने सांस रोगियों की परेशानी बढ़ा दी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 60 फीसदी तक सांस के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। ऐसे में सांस के रोगियों बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
दरअसल, इन दिनों मौसम बदल रहा है। सुबह और रात के समय सर्दी होने लगी है। महानगर का एक्यूआई 150 है। प्रदूषण के कारण सांस रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। डॉक्टरों के अनुसार, श्वांस नलियों में सिकुड़न और सूजन आने से अस्थमा रोगियों का ऑक्सीजन गिर जा रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्लमोनरी विभाग में इस समय 140 से 150 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें 60 फीसदी तक मरीज सांस के हैं। वहीं, एसबीडी जिला अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में भी सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है।
-- ऐसे करें बचाव
- धूम्रपान नहीं करना चाहिए, ठंडे स्थान और ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें
- धूल, मिट्टी या खुले वातावरण से बचें
- अस्थमा मरीजों को बाहर निकलते समय मास्क लगाएं।
- साफ-सफाई का काम न करें, इससे उड़ने वाली धूल सांस लेने में दिक्कत कर सकता है।
-- इनका रखें ध्यान
- सांस रोगी दवा की पर्याप्त खुराक लें।
- इन्हेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें।
- अस्थमा का अटैक आए तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
- हरी सब्जी और सलाद का प्रयोग अधिक करें।
इस समय मौसम बदल रहा है। सुबह व रात में सर्दी होने लगी है। इसकी वजह से सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उनकी ओपीडी में 60 फीसदी तक सांस रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
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डॉ. अंकिता मंडल, सीनियर रेजीडेंट, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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दरअसल, इन दिनों मौसम बदल रहा है। सुबह और रात के समय सर्दी होने लगी है। महानगर का एक्यूआई 150 है। प्रदूषण के कारण सांस रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। डॉक्टरों के अनुसार, श्वांस नलियों में सिकुड़न और सूजन आने से अस्थमा रोगियों का ऑक्सीजन गिर जा रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्लमोनरी विभाग में इस समय 140 से 150 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें 60 फीसदी तक मरीज सांस के हैं। वहीं, एसबीडी जिला अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में भी सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है।
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- धूम्रपान नहीं करना चाहिए, ठंडे स्थान और ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें
- धूल, मिट्टी या खुले वातावरण से बचें
- अस्थमा मरीजों को बाहर निकलते समय मास्क लगाएं।
- साफ-सफाई का काम न करें, इससे उड़ने वाली धूल सांस लेने में दिक्कत कर सकता है।
- सांस रोगी दवा की पर्याप्त खुराक लें।
- इन्हेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें।
- अस्थमा का अटैक आए तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
- हरी सब्जी और सलाद का प्रयोग अधिक करें।
इस समय मौसम बदल रहा है। सुबह व रात में सर्दी होने लगी है। इसकी वजह से सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उनकी ओपीडी में 60 फीसदी तक सांस रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
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डॉ. अंकिता मंडल, सीनियर रेजीडेंट, राजकीय मेडिकल कॉलेज