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परतापुर गांव के लोगों ने की रास्ते की मांग को लेकर मंडलायुक्त को दिया ज्ञापन
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16 गांव के लोगों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मांगा रास्ता
परतापुर। क्षेत्र के 16 गांव के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह से मिलकर कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बन जाने से आवागमन में परेशानी हो रही है। निर्माण के दौरान उन्हें अलग से मार्ग निर्माण और अंडरपास का आश्वासन दिया गया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांवों में आने-जाने के मार्ग बंद हो गए हैं। रॉंग साइड चलने से हादसे हो रहे हैं।
पार्षद विशाल चौधरी ने बताया कि अगर शीघ्र ही मार्ग नहीं बनता तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस समय एक्सप्रेसवे बन रहा था, तब एनएचएआई, जीआर इंफ्रा प्रशासनिक अफसरों और विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर ने धरनारत किसानों को आवागमन की सुविधा के लिए मार्ग बनवाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया था। लेकिन एक्सप्रेसवे बनवा दिया गया, लेकिन गांवों को रास्ता नहीं दिया गया। क्षेत्र के परतापुर, महरौली, घाट समेत करीब 16 गांवों के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। चेतावनी दी गई कि अगर मांग जल्द ही पूरी नहीं की तो ग्रामीण फिर धरने पर बैठेंगे।
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परतापुर। क्षेत्र के 16 गांव के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह से मिलकर कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बन जाने से आवागमन में परेशानी हो रही है। निर्माण के दौरान उन्हें अलग से मार्ग निर्माण और अंडरपास का आश्वासन दिया गया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांवों में आने-जाने के मार्ग बंद हो गए हैं। रॉंग साइड चलने से हादसे हो रहे हैं।
पार्षद विशाल चौधरी ने बताया कि अगर शीघ्र ही मार्ग नहीं बनता तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस समय एक्सप्रेसवे बन रहा था, तब एनएचएआई, जीआर इंफ्रा प्रशासनिक अफसरों और विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर ने धरनारत किसानों को आवागमन की सुविधा के लिए मार्ग बनवाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया था। लेकिन एक्सप्रेसवे बनवा दिया गया, लेकिन गांवों को रास्ता नहीं दिया गया। क्षेत्र के परतापुर, महरौली, घाट समेत करीब 16 गांवों के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। चेतावनी दी गई कि अगर मांग जल्द ही पूरी नहीं की तो ग्रामीण फिर धरने पर बैठेंगे।
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