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गंगा में पानी कम, कैसे शुरू होगी गंगा यात्रा
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गंगा में पानी कम, कैसे शुरू होगी गंगा यात्रा
नजीबाबाद/भागूवाला(बिजनौर)। नमामि गंगे योजना के तहत 27 जनवरी को शुरू होने वाली गंगा यात्रा पर नदी में पानी की कमी बाधक बन सकती है। सबलगढ़ से गंगा यात्रा शुरू होनी है, जहां दो फाड़ होकर बह रही नदी में एक तरफ दो से तीन फीट पानी है, जबकि दूसरी तरफ तीन से चार फीट पानी है। नदी में पानी की कमी के कारण प्रशासन भी चिंतित है। डीएम ने टीम के साथ यात्रा के शुभारंभ स्थल का निरीक्षण किया।
गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने के लिए नमामि गंगे योजना के अभियान चलाया जा रहा है। बिजनौर के सबलगढ़ से बलिया तक करीब 1000 किलोमीटर की गंगा यात्रा होगी, जिसका शुभारंभ 27 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर करेंगे। पहले यह यात्रा एक जनवरी से शुरू होनी थी। अब गंगा यात्रा के शुभारंभ का परिवर्तित कार्यक्रम मिलने पर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। डीएम रमाकांत पांडेय ने मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार, एसडीएम संगीता, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा और कई अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार दोपहर बाद सबलगढ़ में गंगा नदी के उस क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां से गंगा यात्रा शुरू होनी है। गंगा नदी में पानी कम होने से प्रशासन असमंजस में है कि आखिर किस तरह से गंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री और उनसे जुड़े काफिले की बोट आगे कूच कर सकेंगी।
गंगा और कोटावाली नदी के संगम से शुरू होगी गंगा यात्रा
नजीबाबाद। भागूवाला के सबलगढ़ क्षेत्र में गंगा और कोटावाली नदी का संगम क्षेत्र है। संगम क्षेत्र से ही गंगा यात्रा शुरू की जानी है। डीएम रमाकांत पांडेय ने सबलगढ़ क्षेत्र में दोनों नदियों के संगम क्षेत्रों का दौरा किया। जिस स्थान से गंगा यात्रा को हरी झंडी दिखानी है, वहां पर पानी बहुत कम है। दरअसल, गांव सबलगढ़ में गंगा नदी दो फाड़ होकर गुजर रही है। दोनों फाड़ के बीच पांच से दस मीटर रेत आदि है। फाड़ की ओर गंगा नदी का तल मात्र दो से तीन फीट है। जबकि दूसरी ओर गंगा नदी का तल 4-5 फीट है। मुख्यमंत्री को गंगा यात्रा शुरू करने के बाद बोट के माध्यम से उस स्थान तक आगे बढ़ना है, जहां यात्रा का पहला पड़ाव पड़ेगा। पानी कम होने की स्थिति से शासन को भी अवगत कराया जा रहा है।
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गोशाला क्षेत्र का भी डीएम ने किया निरीक्षण
भागूवाला। मुख्यमंत्री के प्राथमिकता के कार्यक्रम में गोरक्षा अभियान भी शामिल है। मुख्यमंत्री को सबलगढ़ क्षेत्र से गंगा यात्रा शुरू करनी है। गंगा नदी के दोनों ओर महंत ईश्वरदास की गोशालाएं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महंत नजदीकी बताए जाते हैं। मुख्यमंत्री गोशाला की ओर भी रुख कर सकते हैं। जिला प्रशासन इस दृष्टि से भी चौकन्ना है। इसी कारण डीएम ने सबलगढ़ के उत्तराखंड क्षेत्र की कृष्णायन गोशाला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया।
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नजीबाबाद/भागूवाला(बिजनौर)। नमामि गंगे योजना के तहत 27 जनवरी को शुरू होने वाली गंगा यात्रा पर नदी में पानी की कमी बाधक बन सकती है। सबलगढ़ से गंगा यात्रा शुरू होनी है, जहां दो फाड़ होकर बह रही नदी में एक तरफ दो से तीन फीट पानी है, जबकि दूसरी तरफ तीन से चार फीट पानी है। नदी में पानी की कमी के कारण प्रशासन भी चिंतित है। डीएम ने टीम के साथ यात्रा के शुभारंभ स्थल का निरीक्षण किया।
गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने के लिए नमामि गंगे योजना के अभियान चलाया जा रहा है। बिजनौर के सबलगढ़ से बलिया तक करीब 1000 किलोमीटर की गंगा यात्रा होगी, जिसका शुभारंभ 27 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर करेंगे। पहले यह यात्रा एक जनवरी से शुरू होनी थी। अब गंगा यात्रा के शुभारंभ का परिवर्तित कार्यक्रम मिलने पर प्रशासन तैयारियों में जुटा है। डीएम रमाकांत पांडेय ने मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार, एसडीएम संगीता, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा और कई अधिकारियों के साथ बृहस्पतिवार दोपहर बाद सबलगढ़ में गंगा नदी के उस क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां से गंगा यात्रा शुरू होनी है। गंगा नदी में पानी कम होने से प्रशासन असमंजस में है कि आखिर किस तरह से गंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री और उनसे जुड़े काफिले की बोट आगे कूच कर सकेंगी।
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गंगा और कोटावाली नदी के संगम से शुरू होगी गंगा यात्रा
नजीबाबाद। भागूवाला के सबलगढ़ क्षेत्र में गंगा और कोटावाली नदी का संगम क्षेत्र है। संगम क्षेत्र से ही गंगा यात्रा शुरू की जानी है। डीएम रमाकांत पांडेय ने सबलगढ़ क्षेत्र में दोनों नदियों के संगम क्षेत्रों का दौरा किया। जिस स्थान से गंगा यात्रा को हरी झंडी दिखानी है, वहां पर पानी बहुत कम है। दरअसल, गांव सबलगढ़ में गंगा नदी दो फाड़ होकर गुजर रही है। दोनों फाड़ के बीच पांच से दस मीटर रेत आदि है। फाड़ की ओर गंगा नदी का तल मात्र दो से तीन फीट है। जबकि दूसरी ओर गंगा नदी का तल 4-5 फीट है। मुख्यमंत्री को गंगा यात्रा शुरू करने के बाद बोट के माध्यम से उस स्थान तक आगे बढ़ना है, जहां यात्रा का पहला पड़ाव पड़ेगा। पानी कम होने की स्थिति से शासन को भी अवगत कराया जा रहा है।
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गोशाला क्षेत्र का भी डीएम ने किया निरीक्षण
भागूवाला। मुख्यमंत्री के प्राथमिकता के कार्यक्रम में गोरक्षा अभियान भी शामिल है। मुख्यमंत्री को सबलगढ़ क्षेत्र से गंगा यात्रा शुरू करनी है। गंगा नदी के दोनों ओर महंत ईश्वरदास की गोशालाएं हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महंत नजदीकी बताए जाते हैं। मुख्यमंत्री गोशाला की ओर भी रुख कर सकते हैं। जिला प्रशासन इस दृष्टि से भी चौकन्ना है। इसी कारण डीएम ने सबलगढ़ के उत्तराखंड क्षेत्र की कृष्णायन गोशाला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया।