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गंगा में नहीं बढ़ा पानी, खेतों में पहुंचे किसान
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गंगा में नहीं बढ़ा पानी, खेतों में पहुंचे किसान
हस्तिनापुर। उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में गंगा किनारे के गांवों को अलर्ट किया गया था। खेतों झोपड़ियां बनाकर रह रहे परिवारों को किनारे से दूर किया गया था। पानी न बढ़ने पर मंगलवार को किसान खेतों में पहुंच गए। बुधवार को सबकुछ सामान्य हो जाएगा।
दो दिनों में गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में उतनी वृद्धि नहीं हुई जितने जल वृद्धि का अनुमान प्रशासनिक अधिकारियों ने लगाया था। इससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीएम कमलेश गोयल ने कहा कि अब खतरे की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। फिर भी सुरक्षा के तौर पर स्थानीय लोगों को गंगा में जाने के लिए बुधवार शाम तक मना किया गया है। वहीं तहसीलदार मवाना अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि सुरक्षा के तौर पर पीएसी कंपनी फतेहपुर गांव में अभी तैनात रहेगी। वहीं बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बुधवार को हरिद्वार बैराज से 13799 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 7000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था।
कल पहुंचेंगे सैकड़ों परिवार
गंगा में खरबूजा और तरबूज की खेती करने वाले अन्य जिलों से आए सैकड़ों परिवारों के लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षित स्थान पर निकलने के लिए कहा था। अब पानी बढ़ने की संभावना नहीं है। इस पर मंगलवार को खुले में रात बिताने के बाद ये परिवार बुधवार को अपने अस्थायी घरों में पहुंच जाएंगे।
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हस्तिनापुर। उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में गंगा किनारे के गांवों को अलर्ट किया गया था। खेतों झोपड़ियां बनाकर रह रहे परिवारों को किनारे से दूर किया गया था। पानी न बढ़ने पर मंगलवार को किसान खेतों में पहुंच गए। बुधवार को सबकुछ सामान्य हो जाएगा।
दो दिनों में गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में उतनी वृद्धि नहीं हुई जितने जल वृद्धि का अनुमान प्रशासनिक अधिकारियों ने लगाया था। इससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीएम कमलेश गोयल ने कहा कि अब खतरे की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। फिर भी सुरक्षा के तौर पर स्थानीय लोगों को गंगा में जाने के लिए बुधवार शाम तक मना किया गया है। वहीं तहसीलदार मवाना अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि सुरक्षा के तौर पर पीएसी कंपनी फतेहपुर गांव में अभी तैनात रहेगी। वहीं बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बुधवार को हरिद्वार बैराज से 13799 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 7000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था।
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कल पहुंचेंगे सैकड़ों परिवार
गंगा में खरबूजा और तरबूज की खेती करने वाले अन्य जिलों से आए सैकड़ों परिवारों के लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षित स्थान पर निकलने के लिए कहा था। अब पानी बढ़ने की संभावना नहीं है। इस पर मंगलवार को खुले में रात बिताने के बाद ये परिवार बुधवार को अपने अस्थायी घरों में पहुंच जाएंगे।
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