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शामली: बायो रेमिडेशन से कूड़ा निस्तारण की कवायद शुरू, कंपोस्ट खाद बनाने की योजना नहीं चढ़ी परवान

Mon, 23 Nov 2020 12:08 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 23 Nov 2020 12:08 AM IST
सार

करीब डेढ़ करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार, स्वीकृति मिलते ही निकाला जाएगा टेंडर

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Waste disposal exercise started with bio-remediation, plan to make compost compost not come true
कूड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शामली नगरपालिका शामली की कूड़े निस्तारण कर कंपोस्ट खाद बनाने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अब पालिका ने बायो रेमिडेशन से कूड़ा निस्तारण करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर इसकी प्रक्रिया शुरू की है।

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शामली शहर में घरों से रोजाना निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की योजना परवान नहीं चढ़ पाई। पालिका ने करीब 10 साल पहले करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू किया गया था। उस समय पालिका की कूड़े से मैटीरियल अलग-अलग कर कंपोस्ट खाद तैयार करने की योजना थी। पालिका का मानना था कि इससे पालिका की आमदनी होने के साथ ही कूड़े का निस्तारण भी होगा, लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
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2012 से 2018 तक यह प्लांट बंद रहा, जिसके चलते लाखों टन कूड़ा डंप हो गया। 2019 में फिर यह प्लांट चालू किया गया, लेकिन रोजाना निकलने वाले करीब 36 टन कूड़े में से करीब 15 टन कूड़े से ही मैटीरियल अलग-अलग हो सका। इससे कूड़ा निस्तारण की समस्या का समाधान नहीं हो सका।

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लॉकडाउन से यह प्लांट बंद चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अब पालिका ने कूड़ा निस्तारण के लिए बायो रेमिडेशन से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। इसके बाद योजना पर काम शुरू होगा।

यह है बायो रेमिडेशन
पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी ने बताया कि बायो रेमिडेशन में डंप कूड़े पर पहले केमिकल डालकर उसे कम किया जाता है। इसके बाद मशीन के माध्यम से कूड़े से निकलने वाले मैटीरियल से कंपोस्ट खाद, गंदे पानी को री-साइकिल कर साफ बनाकर खेती योग्य बनाना आदि कार्य किए जा सकेंगे।  

बायो रेमिडेशन से कूड़ा निस्तारण के लिए अनुमानित करीब डेढ़ करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर निकाला जाएगा। इसके बाद इस योजना पर काम शुरू होगा।
- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।

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