हिंडन सम्मेलन में उठी आवाज, अब करो हिंडन को साफ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ में दो मंडलों के तीन चार सौ से ज्यादा गांवों के प्रधान, सैकड़ों समाज सेवी, प्रगतिशील किसान, विशेषज्ञ तथा अधिकारियों ने जब एक साथ संकल्प लिया तो लगा कि हरनंदी (हिंडन) को निर्मल करने की मुहिम वास्तव में रंग लाने लगी है। सुभारती विवि के खचाखच भरे ऑडिटोरियम में आयोजित हिंडन सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि सभी के सहयोग से ही हिंडन साफ होगी।
मेरठ आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने निर्मल हिंडन का बीड़ा उठाते हुए अभियान की शुरुआत की है। इसी कड़ी में रविवार को सुभारती विवि में निर्मल हिंडन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने कहा कि जन सहयोग से हिंडन निर्मल बनेगी। गंगनहर से हिंडन में पानी छोड़ने पर हिंडन के प्रदूषण स्तर में कमी आयी है, पर इसे स्थायी करना होगा। कहा कि यह अभियान जाति धर्म से ऊपर हिंडन सेना के सिपाहियों द्वारा चलाया जा रहा है। जितनी भी सभ्यताएं समाज में विकसित हुई हैं, वह किसी न किसी नदी या समुद्र के किनारे विकसित हुई हैं। हिंडन एक नदी ही नहीं बल्कि सफलता एवं विकास का प्रतीक है। विकास से अभिप्राय सभ्यता एवं मूल्यों का विकास है। अगर इनका विकास होगा तो आर्थिक विकास भी होगा।
पांच बिंदुओं, फोर पी से होगा काम
आयुक्त ने हिंडन को निर्मल व अविरल बनाने के लिए पांच मुख्य स्तंभों पर प्रकाश डाला। इसमें सामूहिक सहभागीदारी, सघन वनीकरण, तालाब व अन्य जल स्रोतों का पुनर्जीवन, अपशिष्ट का प्रभावी प्रबंधन व कृषि है। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागीदारी में फोर पी- पब्लिक, प्राईवेट, पीपुल, पार्टीसिपेशन महत्वपूर्ण हैं। जिला व ग्राम स्तर पर समितियों का गठन करना तथा विचार श्रम, समय व संसाधन का आदान प्रदान आवश्यक है। उन्होंने सभी डीएम व प्रधानों से जिला व ग्रामस्तर की समितियों को क्रियाशील करने की अपील की।
यह चलेगा अभियान
सघन वनीकरण में प्रधान व लेखपाल आदि भूमि का चिन्हीकरण 30 अप्रैल तक करेंगे तथा 30 जून तक भूमि का वृक्षारोपण के लिए तैयार करेंगे। जुलाई में वर्षा ऋतु से पूर्व हिंडन के किनारे बसे ग्रामों में 12 लाख पौधे रोपे जाएंगे। सातों जनपदों के 872 ग्रामों में एक ग्राम-एक तालाब योजना को लेते हुए 872 तालाबों को पुनर्जीवन दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ एक मई से शुरू होगा और 30 जून तक चलेगा। नदी व नालों की सफाई, नालों पर जाली, सीवेज पानी नदी में मिलने से उसका ट्रीटमेंट हो यह सुनिश्चित किया जाएगा। हिंडन के किनारे के गांवों व निकायों को खुले में शौच से मुक्त कराया जाएगा। औद्योगिक उत्प्रवाह को रोकने के लिए जनसमूहों का दबाव जरूरी है।
वेबसाइट से मिलेगी प्रेरणा
आयुक्त ने कहा कि निर्मल हिंडन वेबसाइट से निर्मल हिंडन अभियान के तहत किये गये व कराए जा रहे कार्यों की जानकारी उपलब्ध होगी। इससे आमजन लाभान्वित व प्रेरित होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में वेबसाइट में आइडिया बॉक्स बनाकर आमजन के विचार भी लिये जायेंगे।
वर्षा का जल करें संरक्षित
सहारनपुर मंडल आयुक्त सीपी त्रिपाठी ने कहा कि वर्षा का 70 प्रतिशत पानी समुद्र में जाकर खारा हो जाता है इसलिए वर्षा के जल को संरक्षित करने की जरूरत है। बरसात के दौरान इस नदी में अधिक मात्रा में पानी बहता है। यह हिंडन नदी में पानी का मुख्य स्रोत है। उन्होंने कहा कि हम बारिश का पानी सहेज लें तो हिंडन को निर्मल कर सकते हैं। डीएम मेरठ अनिल ढींगरा ने बताया कि हिंडन नदी की प्रमुख सहायक नदी पॉवधोई नदी है। इसके अलावा काली नदी (पश्चिमी), कृष्णा नदी हैं। जबकि सहायक धाराएं बरसनी, सपोलिया, छज्जेवाली, पीरवाली, कोठरी, अंधाकुन्डी व स्रोती हैं। ये सभी मिलकर ही हिंडन को नदी बनाती हैं।
उद्योगों पर अंकुश
डीएम सहारनपुर पीके पांडेय ने कहा कि सहारनपुर के 89 ग्राम हिंडन किनारे हैं। जनपद में 91 किमी की लंबाई में हिंडन व्याप्त है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जनपदों में हिंडन व उसकी सहायक नदी के किनारों पर विभिन्न प्रकार के 316 उद्योग स्थापित हैं। इनमें 14 चीनी मिलें, 08 डिस्टलरी, 41 पल्प एवं पेपर, 16 स्ट्रा बोर्ड, 06 स्लाटर हाउस, 05 फ्रोजन मीट पैकेजिंग, 04 डेरी, 06 चमड़ा, 105 टैक्सटाइल, 01 थर्मल पावर प्लांट, 39 इलैक्ट्रो प्लेटिंग गैलवेनाइजिंग व 71 अन्य हैं। नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न स्थलों में लगभग 68 नाले गिरते हैं।
तालाब कर सकते हैं हिंडन को जिंदा
पर्यावरण विशेषज्ञ डा. दिनेश कुमार ने कहा कि इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए तालाबों को पुनर्जीवित करना जरूरी है। उन्होंने डकविड प्रणाली, वेटलैंड प्रणाली व करनाल प्रणाली से गन्दे पानी के उपचार एवं पुन: उपयोग पर प्रकाश डाला। बुलन्दशहर के प्रगतिशील किसान भारत भूषण त्यागी ने जैविक खेती पर प्रकाश डाला। लखनऊ से आई संस्थान के प्रतिनिधि मेवालाल ने ड्रम डी-कम्पोस्टिंग व नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं ग्राम अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रकाश डाला। मिस एना व जिला वन अधिकारी अदिति शर्मा ने भी अपने विचार रखे। इस मौकेपर हिंडन से जुड़े सातों जनपदों के अधिकारियों में डीएम मेरठ, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर व सीडीओ गौतमबुद्धनगर, बागपत व गाजियाबाद ने अपने-अपने जनपदों में अभियान के तहत कराए जा रहे काम पर प्रकाश डाला।
रागिनी पेश की
इस अवसर पर आयुक्त मेरठ व सहारनपुर में निर्मल हिंडन अभियान में सहयोग करने के लिए प्रसिद्ध रागिनी गायक ब्रहमपाल नागर ने जय जय हरनंदी माई रागिनी पेश की। इस मौके पर हिंडन वेबसाइट भी लांच की गई। वेबसाइट बनाने वाले संजीव व हिंडन डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले सनी को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
ये रहे मौजूद
डीएम मुजफ्फरनगर राजीव शर्मा, शामली इंद्र विक्त्रस्म सिह, सीडीओ मेरठ आर्यका अखौरी, बागपत चांदनी सिंह, मुजफ्फनगर, संयुक्त विकास आयुक्त एबी मिश्र, एडीएम सत्य प्रकाश पटेल, आनन्द कुमार, रमन त्यागी, अमित अग्रवाल, विपुल सिंघल, अंकुश चौधरी सहित अन्य अधिकारीगण, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, प्रगतिशील किसान आदि लोग उपस्थित रहे।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/