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Meerut News: अंडरपास में जलभराव पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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खरखौदा के गांव पांची अंडरपास में जल भराव पर मौके पर पहुंचे ग्रामीण(संवाद)
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- मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर मेरठ से हापुड़ के बीच बने नौ अंडरपास पर बनी हुई है समस्या
- अंडरपास में पानी भरने पर ग्रामीणों को आवागन हो जाता है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। रविवार को हुई बारिश के बाद गांव पांची के अंडरपास में दोबारा जलभराव हो गया। सूचना पर शांति त्यागी, भारत त्यागी, अमन त्यागी, अजय कुमार, गौरव कुमार, शिवम सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले भी अंडरपास में जलभराव के बाद गांव की सैकड़ों छात्राओं ने जिलाधिकारी से समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी। प्रशासन ने रेलवे को सूचना देकर उस समय पंप लगवाकर पानी निकलवाया था, लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर मेरठ से हापुड़ के बीच बने नौ अंडरपास थोड़ी सी बरसात होते ही जलमग्न हो जाते हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर इनका निर्माण किय गया और बाद में रीबोर कराए गए। इसके बावजूद रेलवे की ओर से नियमित देखरेख नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। अंडरपास में सिल्ट और गाद जमा होने के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाता है। इसके चलते अंडरपास से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो जाता है।
चंदसारा में हो चुकी बच्चे की मौत
ग्रामीणों ने बताया कि अंडरपास में जलभराव की समस्या नई नहीं है। पहले चंदसारा के अंडरपास में पानी भरने से एक बच्चे की डूबकर मौत हो चुकी है। इसके बावजूद रेलवे ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान नहीं किया।
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हर साल प्रदर्शन की नौबत
ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में अंडरपास में जलभराव होने के बाद पानी निकालने के लिए अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर वही हो जाती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि रेलवे के अधिकारियों को निर्देश देकर सभी नौ अंडरपास की सफाई, सिल्ट निकासी और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रत्येक बारिश के बाद ग्रामीणों को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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- अंडरपास में पानी भरने पर ग्रामीणों को आवागन हो जाता है प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। रविवार को हुई बारिश के बाद गांव पांची के अंडरपास में दोबारा जलभराव हो गया। सूचना पर शांति त्यागी, भारत त्यागी, अमन त्यागी, अजय कुमार, गौरव कुमार, शिवम सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए स्थायी समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले भी अंडरपास में जलभराव के बाद गांव की सैकड़ों छात्राओं ने जिलाधिकारी से समस्या से निजात दिलाने की मांग की थी। प्रशासन ने रेलवे को सूचना देकर उस समय पंप लगवाकर पानी निकलवाया था, लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर मेरठ से हापुड़ के बीच बने नौ अंडरपास थोड़ी सी बरसात होते ही जलमग्न हो जाते हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर इनका निर्माण किय गया और बाद में रीबोर कराए गए। इसके बावजूद रेलवे की ओर से नियमित देखरेख नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। अंडरपास में सिल्ट और गाद जमा होने के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पाता है। इसके चलते अंडरपास से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो जाता है।
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चंदसारा में हो चुकी बच्चे की मौत
ग्रामीणों ने बताया कि अंडरपास में जलभराव की समस्या नई नहीं है। पहले चंदसारा के अंडरपास में पानी भरने से एक बच्चे की डूबकर मौत हो चुकी है। इसके बावजूद रेलवे ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान नहीं किया।
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हर साल प्रदर्शन की नौबत
ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में अंडरपास में जलभराव होने के बाद पानी निकालने के लिए अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर वही हो जाती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि रेलवे के अधिकारियों को निर्देश देकर सभी नौ अंडरपास की सफाई, सिल्ट निकासी और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रत्येक बारिश के बाद ग्रामीणों को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।