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लगातार पड़ रही बारिश से खादर क्षेत्र के लोग दहशत में
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तटबंध की निगरानी में जुटे ग्रामीण
हस्तिनापुर। देहात क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से गंगा का कच्चा तटबंध टूटने का खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते ग्रामीण लगातार तटबंध की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि रविवार को गंगा के जलस्तर में कुछ कमी नजर आई।
बिजनौर बैराज से अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 91 हजार क्यूसेक चल रहा है। हालांकि कई जगह मिट्टी का कटान होने के कारण तटबंध में दरार आ गई है। इन दरारों को भरने के लिए ग्रामीण लगातार प्रयास कर रहे हैं। मनरेगा के श्रमिक भी काम पर लगाए गए हैं। गंगा के कटान के कारण अभी तक सैकड़ों बीघा कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। लोगों का कहना है कि बीते सालों में भी गंगा ने खादर क्षेत्र में कहर बरपाया था। बरसात का सीजन क्षेत्र के लोगों के लिए संघर्ष भरा होता है। लोगों का कहना है कि हर साल नुकसान होने के बाद भी आज तक समस्या का उचित समाधान नहीं किया गया।
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हस्तिनापुर। देहात क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से गंगा का कच्चा तटबंध टूटने का खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते ग्रामीण लगातार तटबंध की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि रविवार को गंगा के जलस्तर में कुछ कमी नजर आई।
बिजनौर बैराज से अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 91 हजार क्यूसेक चल रहा है। हालांकि कई जगह मिट्टी का कटान होने के कारण तटबंध में दरार आ गई है। इन दरारों को भरने के लिए ग्रामीण लगातार प्रयास कर रहे हैं। मनरेगा के श्रमिक भी काम पर लगाए गए हैं। गंगा के कटान के कारण अभी तक सैकड़ों बीघा कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। लोगों का कहना है कि बीते सालों में भी गंगा ने खादर क्षेत्र में कहर बरपाया था। बरसात का सीजन क्षेत्र के लोगों के लिए संघर्ष भरा होता है। लोगों का कहना है कि हर साल नुकसान होने के बाद भी आज तक समस्या का उचित समाधान नहीं किया गया।
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