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तहसील परिसर में ग्रामीण एवं लेखपाल में मारपीट, हंगामा
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सरधना। तहसील मुख्यालय पर बृहस्पतिवार दोपहर ग्राम बटजेवरा निवासी ग्रामीण द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत को लेकर लेखपाल से कहासुनी के बाद बखेड़ा हो गया। पट्टा धारक पक्ष के विरोध में अधिवक्ता भी कूद गए। इसके बाद जूतम पैजार हुई। इसकी जानकारी पाकर पुलिस दो लोगों को थाने ले गई।
ग्राम बटजेवरा निवासी योगराज पुत्र मनोहर बंजारा पत्नी शारदा व पुत्र अमरजीत तथा रवींद्र के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचा। आरोप है कि उसे 100 गज का आवासीय पट्टा 1991 में आवंटित किया गया था। उसे गलत तरीके से किसी दूसरे के नाम पर दर्ज कर दिया गया। उसने पट्टे पर निर्माण शुरू कर दिया। पीड़ित ने तहसील पहुंचकर इसकी शिकायत लेखपाल सुरेश शर्मा से की। इस पर दोनों पक्षों ने एकदूसरे पर आरोप लगाए। लेखपाल ने योगराज पक्ष पर अभद्रता व मारपीट करने का आरोप लगाया। कहा कि योगराज की पत्नी द्वारा उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। इसी बीच कुछ अधिवक्ता पहुंचे और लात-घूसे तथा बेल्ट आदि चल गए। इस पर करीब आधा घंटे तक तहसील में हंगामा हुआ। इसकी जानकारी पाकर पुलिस पहुंची और दो लोगों को थाने ले गई। वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो जाने के बाद हिरासत में लिये दोनों लोगों को छोड़ दिया है।
जांच कराकर कार्रवाई करेंगे
तहसील मुख्यालय पर ग्रामीण, लेखपाल एवं अधिवक्ताओं के बीच हुए हंगामे की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।-अमित कुमार, एसडीएम
अभद्रता एवं मारपीट की गई
योगराज के नाम पट्टे की भूमि नहीं है। योगराज एवं उसके पुत्रों द्वारा अभद्रता तथा मारपीट की गई। मैंने एसडीएम कार्यालय में छिपकर जान बचाई। इस दौरान कुछ अधिवक्ता पहुंचे तो योगराज पक्ष द्वारा उनसे भी अभद्रता की।-सुरेश शर्मा, लेखपाल
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लेखपाल ने मारपीट की
पूर्व ग्राम प्रधान अमीचंद द्वारा 12 लोगों को 100-100 गज के अवासीय पट्टे दिए गए थे। मेरा पट्टा सिखी पुत्र हरस्वरूप के नाम चढ़ा दिया। उसने उसे बेच दिया। खरीदार ने टिन डालकर कब्जे का प्रयास किया। वह शिकायत लेकर तहसील पहुंचा तो लेखपाल द्वारा मारपीट की गई। उनके बेटों संग मारपीट कर पगड़ी उछाली गई।-योगराज, पट्टा धारक
मेरे साथ भी अभद्रता की
एसडीएम कोर्ट में हंगामा हो रहा था। मैंने जानकारी करने की कोशिश की तो ग्रामीण द्वारा अभद्रता शुरू कर दी गई। जिस पर कुछ अधिवक्ताओं द्वारा विरोध किया गया। पट्टा धारक पक्ष द्वारा माफी मांग लेने पर मामला निपट गया।-कुलदीप त्यागी, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन सरधना
अधिवक्ताओं का बीच में आना गलत
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कुछ अधिवक्ता ग्रामीण एवं लेखपाल के बीच आए हैं तो यह गलत है।-सैय्यद आरिफ अली अध्यक्ष, बार एसोसिएशन सरधना
मामले की जांच कराएंगे
मैं मतगणना के चलते मेरठ ड्यूटी पर हूं। इसलिए मामला संज्ञान में नहीं है। थाना पुलिस से जानकारी करके जांच कराई जाएगी।-आरपी शाही, सीओ सरधना
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ग्राम बटजेवरा निवासी योगराज पुत्र मनोहर बंजारा पत्नी शारदा व पुत्र अमरजीत तथा रवींद्र के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचा। आरोप है कि उसे 100 गज का आवासीय पट्टा 1991 में आवंटित किया गया था। उसे गलत तरीके से किसी दूसरे के नाम पर दर्ज कर दिया गया। उसने पट्टे पर निर्माण शुरू कर दिया। पीड़ित ने तहसील पहुंचकर इसकी शिकायत लेखपाल सुरेश शर्मा से की। इस पर दोनों पक्षों ने एकदूसरे पर आरोप लगाए। लेखपाल ने योगराज पक्ष पर अभद्रता व मारपीट करने का आरोप लगाया। कहा कि योगराज की पत्नी द्वारा उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। इसी बीच कुछ अधिवक्ता पहुंचे और लात-घूसे तथा बेल्ट आदि चल गए। इस पर करीब आधा घंटे तक तहसील में हंगामा हुआ। इसकी जानकारी पाकर पुलिस पहुंची और दो लोगों को थाने ले गई। वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो जाने के बाद हिरासत में लिये दोनों लोगों को छोड़ दिया है।
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जांच कराकर कार्रवाई करेंगे
तहसील मुख्यालय पर ग्रामीण, लेखपाल एवं अधिवक्ताओं के बीच हुए हंगामे की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।-अमित कुमार, एसडीएम
अभद्रता एवं मारपीट की गई
योगराज के नाम पट्टे की भूमि नहीं है। योगराज एवं उसके पुत्रों द्वारा अभद्रता तथा मारपीट की गई। मैंने एसडीएम कार्यालय में छिपकर जान बचाई। इस दौरान कुछ अधिवक्ता पहुंचे तो योगराज पक्ष द्वारा उनसे भी अभद्रता की।-सुरेश शर्मा, लेखपाल
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लेखपाल ने मारपीट की
पूर्व ग्राम प्रधान अमीचंद द्वारा 12 लोगों को 100-100 गज के अवासीय पट्टे दिए गए थे। मेरा पट्टा सिखी पुत्र हरस्वरूप के नाम चढ़ा दिया। उसने उसे बेच दिया। खरीदार ने टिन डालकर कब्जे का प्रयास किया। वह शिकायत लेकर तहसील पहुंचा तो लेखपाल द्वारा मारपीट की गई। उनके बेटों संग मारपीट कर पगड़ी उछाली गई।-योगराज, पट्टा धारक
मेरे साथ भी अभद्रता की
एसडीएम कोर्ट में हंगामा हो रहा था। मैंने जानकारी करने की कोशिश की तो ग्रामीण द्वारा अभद्रता शुरू कर दी गई। जिस पर कुछ अधिवक्ताओं द्वारा विरोध किया गया। पट्टा धारक पक्ष द्वारा माफी मांग लेने पर मामला निपट गया।-कुलदीप त्यागी, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन सरधना
अधिवक्ताओं का बीच में आना गलत
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कुछ अधिवक्ता ग्रामीण एवं लेखपाल के बीच आए हैं तो यह गलत है।-सैय्यद आरिफ अली अध्यक्ष, बार एसोसिएशन सरधना
मामले की जांच कराएंगे
मैं मतगणना के चलते मेरठ ड्यूटी पर हूं। इसलिए मामला संज्ञान में नहीं है। थाना पुलिस से जानकारी करके जांच कराई जाएगी।-आरपी शाही, सीओ सरधना