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ट्रेन के पहिए थमने से मुश्किल में 10 गांव के दूधिया, बढ़ा छह हजार रुपये महीना का अतिरिक्त भार

Wed, 04 Nov 2020 10:17 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 04 Nov 2020 10:17 AM IST
सार

  •  एक दूधिया पर छह हजार रुपये महीना का अतिरिक्त भार बढ़ा
  •  पहले ट्रेन में 350 रुपये का पास बनाकर करते थे दूध की सप्लाई

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village milkmen of ten village in trouble due to stop of train, increased extra load of six thousand rupees a month
milk

विस्तार

दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन पर ट्रेनों के पहिये थमने से दूध का कारोबार करने वालों (दूधिया) के सामने मुश्किल खड़ी हो रही है। ट्रेन नहीं चलने के कारण दूधिया निजी या किराये के वाहनों से शाहदरा और दिल्ली दूध सप्लाई कर रहे हैं, इससे उन पर छह हजार रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

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पहले ट्रेन में 350 रुपये महीने का पास बनवाकर दूधिया दिल्ली दूध सप्लाई करने जाते थे, लेकिन निजी और किराए के वाहनों से दो सौ रुपये रोजाना खर्च हो रहे हैं। जिले के करीब दस गांव से रोजाना लगभग दस हजार लीटर दूध शाहदरा और दिल्ली सप्लाई होता है। अहेड़ा के पूर्व प्रधान राजबीर सिंह ने कहा कि ट्रेन का संचालन बंद होने से डेयरी संचालकों और दूध सप्लाई करने वालों पर आर्थिक संकट खड़ा हुआ है। 
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इन गांवों से होती हैं दूध की सप्लाई
जिले के अहेड़ा, पाबला बेगमाबाद, बाघू, निबाली, बली, खेकड़ा, बंदपुर, बसी और सुन्हैंड़ा आदि गांवों से दिल्ली और शाहदरा में दूध सप्लाई किया जाता है।

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125 दूधिया के साथ जुड़े हैं पशु पालक
दस गांव से करीब सवा सौ दूधिया सुबह-शाम ट्रेन पर दूध की केन लटकाकर दिल्ली और शाहदरा पहुंचते थे। इन दूधिया से सैकड़ों पशुपालक भी जुड़े हैं।

क्या कहते हैं दूधिया
 दूधिया रोजूदीन का कहना है कि दिल्ली दूध की सप्लाई करने में परेशानी बढ़ी है। ट्रेन का संचालन जल्द से जल्द होना चाहिए। इससे आर्थिक राहत मिलेगी।
 दूधिया मुकेश कुमार का कहना है कि ट्रेन का संचालन बंद होने के कारण शाहदरा में दूध की सप्लाई करने में मुश्किलें खड़ी हो रही है। निजी वाहन से खर्च बढ़ गया है। 
 
आसमान छू रहे पशु आहार के दाम
दूध विक्रेताओं का कहना है कि कोरोना काल में पशु आहार के दाम भी आसमान छू रहे हैं। इससे पशुपालकों के सामने भी मुश्किल खड़ी हो गई है। कोरोना से पहले खल की बोरी साढ़े 18 सौ रुपये की थी, अब 21 सौ रुपये पर पहुंच गई है। चोकर पर भी करीब डेढ़ सौ रुपये बढ़ गए हैं।

इस तरह खरीदा और बेचा जा रहा दूध
पशुपालकों से दूध 38 से 40 रुपये प्रति किलो खरीदा जा रहा है। शाहदरा और दिल्ली में डेयरियों पर 50 से 55 रुपये किलो तक दूध बिक रहा है। कुछ एरिया में 60 रुपये किलो तक भी बिक जाता है।

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