मेरठ: विजिलेंस टीम ने बीएसए कार्यालय में सहायक लेखा अधिकारी को 70 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा
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स्कूल के भवन की पत्रावली पास करने के नाम पर 70 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस ने बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक वित्त व लेखाधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ मेरठ के थाना नौचंदी में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसएसपी अजय साहनी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि राजकीय ठेकेदार अजय प्रताप सिंह निवासी हाजीपुर स्याना बुलंदशहर ने बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक वित्त व लेखाधिकारी नीरज कुमार की विजिलेंस विभाग में शिकायत की थी।
उनका कहना था कि मुंडाली थाना क्षेत्र के पीपलीखेड़ा में इंटर कॉलेज बन रहा है। जिसके भवन के निर्माण में खर्च हुए भुगतान की पत्रावली के लिए ठेकेदार अजय प्रताप डीआईओएस कार्यालय में चक्कर काट रहे थे। नीरज कुमार का डीआईओएस कार्यालय से बीएसए विभाग में करीब छह माह पहले ट्रांसफर हुआ था। लेकिन वर्तमान में नीरज के पास डीआईओएस कार्यालय का भी वित्त एवं लेखाधिकारी का अतिरिक्त चार्ज था। आरोप है कि भुगतान की फाइल पास करने की एवज में नीरज ने ठेकेदार अजय से 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
बुधवार को अजय की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने बेसिक शिक्षा विभाग के गेट पर आरोपी नीरज को रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। विजिलेंस टीम को डिप्टी एसपी शमशेर सिंह लीड कर रहे थे। नीरज को गिरफ्तार करने के बाद नौचंदी थाने के सुपुर्द कर दिया गया। विजिलेंस टीम ने एसएसपी को इसकी जानकारी ली। जिसके बाद एसएसपी ने प्रेस वार्ता कर आरोपी को मीडिया के सामने पेश किया।
बता दें कि आरोपी नीरज कुमार बुलंदशहर के खुर्जा थानाक्षेत्र के गोठनी गांव का मूल निवासी है। बेसिक शिक्षा विभाग में 70 हजार की रिश्वत के साथ नीरज की गिरफ्तारी का पता लगते विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों में खलबली मच गई।
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