विक्टोरिया पार्क अग्निकांड: हादसे के आज 13 साल पूरे, अभी तक पीड़ितों को नहीं मिला इंसाफ
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दिल को झकझोर देने वाले विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के पीड़ितों के जख्म मानों आज भी हरे हैं। आज बुधवार को इस वीभत्स अग्निकांड को 13 साल पूरे हो रहे हैं। लेकिन पीड़ितों को अभी इंसाफ नहीं मिला है। इंसाफ के लिए पीड़ित लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि अग्निकांड के जो भी आरोपी हैं उन्हें छूट दी गई। इस अग्निकांड के पीड़ितों के जख्मों पर सरकार और आयोग भी मरहम नहीं लगा सके। अब आखिरी उम्मीद सुप्रीम कोर्ट से है जहां यह मामला विचाराधीन है।
दस अप्रैल 2006 को विक्टोरिया पार्क में लगाए गए कंज्यूमर मेले में भीषण आग लगी थी। देखते ही देखते पूरा पंडाल आग का गोला बन गया था। यह अग्निकांड इतना वीभत्स था कि देखने और सुनने वालों की भी रुह कांप गई थी। कई परिवारों का तो इस अग्निकांड में सब कुछ चला गया। इस आग में 65 लोगों की मौत हो गई थी। 81 लोग गंभीर रूप से तो 85 लोग सामान्य रूप से झुलसे थे। इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर न्यायिक आयोग पूर्व जस्टिस एसबी सिन्हा की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जा चुकी है। तमाम गवाहों और लंबी जांच के बाद इसका निष्कर्ष सामने आया। आयोग ने इस मेले के आयोजकों को घटना के लिए साठ प्रतिशत और सरकारी तंत्र को चालीस प्रतिशत दोषी माना। लेकिन पीड़ित लोगों का कहना है कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला। पीड़ित पक्ष ने मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। अब तक पीड़ित पक्ष को राज्य सरकार की तरफ से सात-सात लाख रुपये मुआवजा मिल चुका है।
सुप्रीम कोर्ट से ही इंसाफ की उम्मीद
मेरठ विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति में अधिवक्ता रोहिताश्व कुमार अग्रवाल संरक्षक, अधिवक्ता सतीश चंद अध्यक्ष, संजय गुप्ता सचिव और राजीव गोयल कोषाध्यक्ष हैं। सचिव संजय गुप्ता का कहना है कि इस भीषण अग्निकांड को 13 साल हो गए हैं। साल 2006 से वह पीड़ित परिवारों को बीस-बीस लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उसे भी कई साल हो चुके हैं। उनका मानना है कि उपहार कांड की तर्ज पर मुआवजे का निर्धारण किया जाए। अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट से ही इंसाफ की उम्मीद है।
आज देंगे श्रद्धांजलि
मेरठ विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति इस लड़ाई को लड़ रही है। सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि इस भीषण त्रासदी की बरसी पर आज बुधवार को समिति द्वारा इस अग्निकांड का शिकार हुए लोगों की आत्मा शांति हेतु शांति यज्ञ, भंडारा एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा। विक्टोरिया पार्क में सुबह नौ बजे शांति यज्ञ होगा। सुबह 11 बजे भंडारा तथा शाम छह बजे जिलाधिकारी आवास से विक्टोरिया पार्क तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
आयोजक-सरकारी तंत्र दोनों जिम्मेदार
इस मेले के आयोजकों ने घटना के लिए पूरी तरह सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहराया। वहीं पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस हादसे के लिए आयोजक और सरकारी तंत्र दोनों जिम्मेदार हैं। सरकारी तंत्र ने कर्तव्य नहीं निभाया तो आयोजकों ने नियमों का पालन न कर घोर लापरवाही बरती। आयोजकों को भी सरकारी तंत्र ने पूरा मौका दिया। जिम्मेदारी से बचने के लिए आयोजकों ने अपनी चल-अचल संपत्तियों को अपने परिचितों और रिश्तेदारों को ट्रांसफर कर दिया, इसकी भी गहराई से जांच होनी चाहिए।
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