{"_id":"68bedab3fc6e8b091a04afb7","slug":"vermi-compost-provides-balanced-amount-of-nutrients-meerut-news-c-76-1-smrt1039-106232-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्मी कंपोस्ट से मिलते हैं संतुलित मात्रा में पोषक तत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्मी कंपोस्ट से मिलते हैं संतुलित मात्रा में पोषक तत्व
Mon, 08 Sep 2025 07:01 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 08 Sep 2025 07:01 PM IST
विज्ञापन
मोदीपुरम- 21 दिवसीय प्रशिक्षण की जानकारी देते कृषि विवि के कुलपति।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मृदा विज्ञान विभाग के तत्वावधान में 21 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मृदा विज्ञान विभाग के तत्वावधान में 21 दिवसीय वर्मी कंपोस्ट उत्पादन तकनीकी विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सेना की विभिन्न कोर के जवानों, अधिकारियों के लिए इसे शुरू किया गया। प्रशिक्षण 28 सितंबर तक चलेगा। सात प्रदेशों से आए प्राशिक्षार्थी कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे हैं।
कुलपति डॉ. केके सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों, शिक्षको, वैज्ञानिकों से कहा कि आज के परिवेश में वातावरण को स्वच्छ, संतुलित बनाए रखना जरूरी है। उच्च गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न, फल, सब्जियों, दूध उत्पादन, मृदा की जैविक, रासयनिक, भौतिक गुणवत्ता जरूरी है। इसे बनाए रखने के लिए वर्मी कंपोस्ट महत्वपूर्ण जैविक खाद है, जो पौधों को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। अधिष्ठाता कृषि डाॅ. विवेक ने कहा कि आज कल शहरों में भी सजावटी पौधे व किचन गार्डन के लिए भी इसकी अधिक मांग है।
डाॅ. एसपी सिंह ने 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की। शिविर में विषय से संबंधित व्याख्यान, प्रयोगशालाओं में प्रयोग, भ्रमण कराए जाएंगे। डाॅ. यूपी शाही ने कहा कि पशु-पक्षियों को स्वस्थ बनाए रखने लिए जैविक खादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान डाॅ. गोपाल सिंह, निदेशक शोध डाॅ. कमल खिलाडी, डाॅ. सतेंद्र कुमार, डाॅ. योगेश कुमार, डाॅ. नीरज कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मृदा विज्ञान विभाग के तत्वावधान में 21 दिवसीय वर्मी कंपोस्ट उत्पादन तकनीकी विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। सेना की विभिन्न कोर के जवानों, अधिकारियों के लिए इसे शुरू किया गया। प्रशिक्षण 28 सितंबर तक चलेगा। सात प्रदेशों से आए प्राशिक्षार्थी कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे हैं।
कुलपति डॉ. केके सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों, शिक्षको, वैज्ञानिकों से कहा कि आज के परिवेश में वातावरण को स्वच्छ, संतुलित बनाए रखना जरूरी है। उच्च गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न, फल, सब्जियों, दूध उत्पादन, मृदा की जैविक, रासयनिक, भौतिक गुणवत्ता जरूरी है। इसे बनाए रखने के लिए वर्मी कंपोस्ट महत्वपूर्ण जैविक खाद है, जो पौधों को संतुलित मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। अधिष्ठाता कृषि डाॅ. विवेक ने कहा कि आज कल शहरों में भी सजावटी पौधे व किचन गार्डन के लिए भी इसकी अधिक मांग है।
विज्ञापन
डाॅ. एसपी सिंह ने 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की। शिविर में विषय से संबंधित व्याख्यान, प्रयोगशालाओं में प्रयोग, भ्रमण कराए जाएंगे। डाॅ. यूपी शाही ने कहा कि पशु-पक्षियों को स्वस्थ बनाए रखने लिए जैविक खादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान डाॅ. गोपाल सिंह, निदेशक शोध डाॅ. कमल खिलाडी, डाॅ. सतेंद्र कुमार, डाॅ. योगेश कुमार, डाॅ. नीरज कुमार आदि मौजूद रहे।

मोदीपुरम- 21 दिवसीय प्रशिक्षण की जानकारी देते कृषि विवि के कुलपति।
विज्ञापन