दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर छह माह बाद दौडेंगे वाहन, किसानों का विरोध जारी
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को पूरा होने में अभी छह माह का समय और लगेगा। यह जानकारी केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वेबिनार में दी। पिछले कुछ समय से एक्सप्रेसवे पर काम की गति धीमी है। इसके चलते इसका लक्ष्य दिसम्बर-2020 तय किया गया है।
हालांकि केंद्रीय मंत्री इसे छह माह बाद शुरू करने का आश्वासन दे रहे हैं। अपने फेसबुक अकाउंट पर ऑस्टेलिया-इंडिया ट्रेड संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का खाका पेश किया। देश में एनएचएआई के चल रहे प्रोजेक्टों को उन्होंने बारी-बारी बताया। कहा कि भारतमाला योजना में 34 हजार करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें दिल्ली-मुम्बई, दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे शामिल हैं। अभी हम टोल से 28 हजार करोड़ की आमदनी कर रहे है। ये आमदनी अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ हो जाएगी। एक्सप्रेस-वे पर लॉजिस्टिक पार्क, इंडस्ट्रियल क्लस्टर आदि का निर्माण किया जाएगा। जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान की तरफ कदम बढ़ाया जा सके।
यह भी पढ़ें: बिजनौर जिले मेें तमाम पासपोर्ट खंगालने में जुटीं पुलिस व सुरक्षा एजेंसी, ये है वजह
अभी कई स्थानों पर हैं अड़चनें
एक्सप्रेसवे में अभी कई स्थानों पर काम बाकी है। बारिश के चलते एक माह से ज्यादा समय तक इसमें बाधा आएगी। डासना से मेरठ तक कई स्थानों पर स्ट्रक्चर का काम बचा हुआ है। मिट्टी लेवलिंग होने के बाद इन स्ट्रक्चर को आपस मे लेवल किया जाना है।
वहीं, परतापुर तिराहे पर रेलवे आरओबी को मिट्टी के लेवल तक ले जाने के बाद परतापुर तिराहे के फ्लाईओवर तक जोड़ना है। एक्सप्रेस-वे का इंटरचेंज होने के चलते परतापुर तिराहा मुख्य केंद्र है। यहां काफी काम बचा है।
किसानों का विरोध जारी
इसके अलावा 26 गांवों के किसान भी एक्सप्रेसवे निर्माण में रोड़ा अटका रहे हैं। हाल ही में दो दिन किसानों की वजह से काम बंद रहा। डीएम गाजियाबाद अजय शंकर पांडेय ने 13 जुलाई को परिवहन मंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खत्म हुआ। किसान एक समान मुआवजे की बात पर अड़े हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे एक नजर
पहला चरण- हजरत निजामुद्दीन से यूपी गेट (8 किमी) -पूर्ण
दूसरा चरण- यूपी गेट से डासना (करीब 20 किमी) - करीब 70 प्रतिशत काम पूर्ण
तीसरा चरण- डासना से हापुड़ (22 किमी) - पूर्ण
चौथा चरण- डासना से मेरठ (32 किमी) - करीब 65 प्रतिशत काम पूर्ण