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एक्सप्रेसवे पर वाहन बंद, आज ध्वस्त होगा मंदिर व दुकानें
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परतापुर (मेरठ)। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर परतापुर तिराहा से पेरिफेरल तक शनिवार को वाहनों की आवाजाही बंद करा दी गई। एक्सप्रेसवे के बीच में आ रहे भूडबराल रजबहे के पास स्थित संतोषी माता मंदिर और दो दुकानों को रविवार सुबह 11 बजे के बाद ध्वस्त किया जाएगा। कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के अधिकारियों ने शनिवार को मंदिर की मूर्तियों को मोहिद्दीनपुर गांव में बने मंदिर में स्थापित करा दिया है।
जीआर इंफ्रा के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज बैरवा ने बताया कि एक्सप्रेसवे का काम 15 मार्च तक पूरा करके एनएचएआई को सौंप दिया जाएगा। भूडबराल रजबहे के पास रोजाना लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए रविवार को मंदिर व दुकानों को ध्वस्त करने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए परतापुर तिराहे से लेकर डासना तक पुलिस की मदद से एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन बंद करा दिया गया है। साथ ही सभी मुख्य स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
उधर, संतोषी माता मंदिर के संचालक प्रदीप कुमार का कहना है कि यह मंदिर चैनपाल फौजी ने बनवाया था। मंदिर के संबंध में जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजे गए। उसमें कहा गया था कि बराल परतापुर में सरकारी जमीन है, उस पर मंदिर के लिए जगह दी जाए। लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा न तो मुआवजा दिया गया और न ही मंदिर के लिए कोई भी जगह दी जा रही है।
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जीआर इंफ्रा के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज बैरवा ने बताया कि एक्सप्रेसवे का काम 15 मार्च तक पूरा करके एनएचएआई को सौंप दिया जाएगा। भूडबराल रजबहे के पास रोजाना लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए रविवार को मंदिर व दुकानों को ध्वस्त करने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए परतापुर तिराहे से लेकर डासना तक पुलिस की मदद से एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन बंद करा दिया गया है। साथ ही सभी मुख्य स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
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उधर, संतोषी माता मंदिर के संचालक प्रदीप कुमार का कहना है कि यह मंदिर चैनपाल फौजी ने बनवाया था। मंदिर के संबंध में जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजे गए। उसमें कहा गया था कि बराल परतापुर में सरकारी जमीन है, उस पर मंदिर के लिए जगह दी जाए। लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा न तो मुआवजा दिया गया और न ही मंदिर के लिए कोई भी जगह दी जा रही है।
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