हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के फेर में अटकी आरसी, डीलरों की उदासीनता का दंश झेल रहे वाहन स्वामी
वाहन डीलर को देनी है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और सिस्टम पर करनी है अपलोड
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वाहनों को सुरक्षित करने के लिए की गई हाई सिक्योरिटी प्लेट की व्यवस्था रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। वाहन डीलरों की उदासीनता के चलते करीब दो हजार वाहनों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिली है। इसके चलते इन वाहनों को आरसी नहीं मिली है। इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी आरसी नहीं होने पर चालान का खतरा मंडरा रहा है।
प्लेट की जिम्मेदारी डीलरों की है। नंबर प्लेट पर दिया गया सिक्योरिटी बार कोड सिस्टम पर अपलोड होने के बाद ही आरसी दी जा सकती है। जिन वाहनों की नंबर प्लेट सिस्टम पर अपलोड हो जाती है उसकी आरसी जारी कर दी जाती है। -डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ
शास्त्रीनगर निवासी मीनू रस्तौगी ने सितंबर में कार ली थी। यूपी-15डीबी 6411 नंबर तो आवंटित हो गया, लेकिन नंबर प्लेट नहीं मिलने के चलते पांच महीने से आरसी नहीं मिल पाई है।
केस 2
पांचली गांव निवासी संजय कुमार ने सितंबर माह में कार ली थी। कार को यूपी-15डीसी 0771 नंबर आवंटित हो गया था, लेकिन इन्हें भी पांच महीने बाद भी आरसी नहीं मिल पाई है।
केस 2
समीर ने सितंबर माह में बाइक खरीदी थी। बाइक को पांच माह पहले यूपी-15डीए 5682 नंबर आवंटित किया गया था। लेकिन आज तक भी आरसी नहीं मिल सकी है।
इस तरह के करीब 2000 मामले हैं जिनका रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी इन वाहनों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिल सकी है। इसके चलते विभाग ने आरसी भी नहीं दी है। जबकि वाहन बिक्री के तीन दिन के अंदर ही सब प्रक्रिया पूरी कर आरसी दिया जाना जरूरी है।
नंबर प्लेट अपलोड होने के बाद ही निकलती है आरसी
वाहनों की सुरक्षा के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की शुरुआत की गई है। नंबर प्लेट देने की जिम्मेदारी वाहन डीलरों को सौंपी गई है। डीलर को वाहन पर नंबर प्लेट लगाकर उसे परिवहन विभाग के सिस्टम पर अपलोड करना होता है। इसके बाद ही आरसी निकलती है।
डीलरों की उदासीनता का दंश झेल रहे वाहन स्वामी
करीब दो हजार वाहन स्वामी डीलरों की लापरवाही का दंश झेल रहे हैं। लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट के लिए चक्कर काट रहे हैं, चार-पांच महीने से कुछ नहीं हो पा रहा है।