सब्जियां हुई महंगी: मेरठ में टमाटर 100, धनिया 150 और नींबू 120 रुपये किलो, इस वजह से बढ़ रहे दाम
मेरठ में हरी सब्जियां महंगाई की आग में जल रही हैं। टमाटर फिर साै रुपये किलो, धनिया 150 और नींबू 120 रुपये किलो पहुंच गया है। आलू भी 40 से 50 रुपये किलो पहुंच गया है। वहीं मटर 150 रुपये किलो पहुंच गई है।
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मेरठ में हरी सब्जियां महंगाई की आग में जल रही हैं। फुटकर में काफी सब्जियां 100 रुपये किलो या इससे ऊपर भाव में बिक रही हैं। मध्यम वर्गीय परिवारों की थाली से हरी सब्जियां गायब होती जा रही हैं। सब्जियों का राजा आलू भी महंगाई की दौड़ में पीछे नहीं है। मंडी में आलू 25 से 50 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं फुटकर में 40 से 60 रुपये प्रतिकिलो आलू के भाव पहुंच गए हैं।
थोक और फुटकर के भाव में दो से तीन गुना का अंतर होने के कारण महंगाई चरम पर पहुंच रही है। किसान की सब्जी भले ही मंडी में कम दाम में बिक रही हो, लेकिन फुटकर विक्रेता मनमर्जी से महंगे दामों में हरी सब्जी बेच रहे हैं। आम आदमी की थाली से धनिये की खुशबू गायब हो रही है। कारण है कि धनिया फुटकर में 150 से 180 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
नींबू 120 रुपये तो मटर 150 रुपये किलो बिक रही है। फूल गोभी की मंडी में आवक कम होने के कारण फुटकर में 80 से 100 रुपये किलो बिक रही है। गर्मी में भी लहसुन सर्दियों वाले भाव 100 रुपये और अदरक 130 रु. किलो तक बिक रहा है।
अमर उजाला ने शनिवार को नवीन सब्जी मंडी और शहर के शारदा रोड, गढ़ रोड, पल्लवपुरम, कंकरखेड़ा शिवचौक, बागपत रोड, जेल चुंगी रोड पर फुटकर विक्रेताओं से सब्जी के भाव जाने। तेजी से बढ़ रहे सब्जियों के दाम चौंकाने वो सामने आ रहे हैं।
गढ़ रोड स्थित वैशाली के बाहर सब्जी फुटकर विक्रेता सचिन कुमार का कहना है कि थोक और फुटकर के भाव में दोगुने का अंतर इसलिए होता है कि मंडी से सब्जी अधिक वजन में तुलकर आती है और फुटकर में 100 से 250 ग्राम तक में बेचनी पड़ती है। जिसके कारण वजन घट जाता है। कुछ सब्जियां हल्की और खराब भी निकली हैं।
नवीन मंडी में थोक भाव - शहर में फुटकर भाव
चिपसोना आलू 30 रु. - 40 रु.
पहाडी आलू 50 रु. - 60 रु.
टमाटर 40-50 रु. - 80-100 रु.
अरबी 30-35 रु. - 50-60 रु.