फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Vatavriksha becomes district cooperative bank starting from two employees

दो कर्मचारियों से शुरू जिला सहकारी बैंक बना वटवृक्ष

Wed, 18 Sep 2019 02:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 02:03 AM IST
विज्ञापन
Vatavriksha becomes district cooperative bank starting from two employees

मेरठ। 100 साल पहले जिला सहकारी बैंक का जो पौधा रोपा गया था, आज वह वटवृक्ष का रूप ले चुका है। दो कर्मचारियों से शुरू हुए बैंक ने 54 शाखाएं स्थापित कर दीं। अंग्रेजी राज में उस समय आलपिन की जगह कीकर के कांटे और पेपरवेट की जगह पत्थर का इस्तेमाल किया जाता था। उसी बैंक की शाखाएं आज पूरी तरह साजोसामान ही नहीं बल्कि तकनीकी रूप से भी लैस हो चुकी हैं।

विज्ञापन


किसान, गरीब और निर्बल वर्ग के उत्थान के लिए संस्थापक सदस्य सीताराम और जसवंत सिंह ने अथक प्रयास करके मेरठ में 18 सितंबर 1919 को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की स्थापना की थी। उस समय एक बैंक में दो ही कर्मचारी नियुक्त हुए थे। इन दो कर्मचारियों के जिम्मे ही बैंक का पूरा काम था। गांव-गांव जाकर ये लोग बैंक में खाता खोलने और योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक करने के साथ बैंक का काम भी निपटाते थे।
विज्ञापन


उस समय सहकारिता आंदोलन गरीबों का आंदोलन था। ग्रामीणों क्षेत्रों के विकास के लिए इसकी जरूरत थी। ब्रिटिश सरकार में उस समय तीन महत्वपूर्ण एक्ट पारित किए गए। लेकिन सहकारिता द्वारा अपना मूल आकार साल 1904 में लागू किए जाने के साथ लिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैंकिंग व्यवसाय करते हुए बैंक ने न सिर्फ विकास किया, बल्कि आवश्यकता के अनुसार ऐसी सुविधा दी, जिसे शायद ही भूला जा सके। इसी अथक मेहनत का परिणाम रहा कि जिला सहकारी बैंक के दो कर्मचारियों का कारवां आज दो हजार पहुंच चुका है। सौ साल पहले का बैंक जहां मुख्यालय बन चुका है तो इसके अधीन मेरठ और बागपत में 54 शाखाएं खुल चुकी हैं।

चुनौतियों के बीच कर रहे हैं प्रगति
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह ने बताया कि सहकारी बैंक को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकिंग सेक्टर में नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए बैंक लगातार प्रगति कर रहा है। बैंक की 53 शाखाएं पूरी तरह से सीबीएस पर कार्यरत हैं तथा अपने ग्राहकों को व्यावसायिक बैंकों की भांति सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नाबार्ड की वित्तीय सहायता से पैक्स के सभी सदस्यों को केसीसी कार्ड बैंक द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

व्यावसायिक ऋण, वाहन ऋण, वेतन भोगियों को व्यक्तिगत ऋण, स्वरोजगार योजना व अन्य ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रमाला सहकारी चीनी मिल्स लि., बागपत कोऑपरेटिव शुगर मिल्स लि., दौराला शुगर वर्क्स दौराला एवं टिकौला शुगर मिल्स लि. को वित्त पोषित किया जा रहा है। इंटरनेट के युग में आरटीजीएस, एनईएफटी, एटीएम, डेबिट कार्ड व अन्य सुविधाओं ने मजबूती दी है।

बैंक ने अपने कार्यक्रमों में भी विस्तार किया है। शाखा विस्तार में एक मजबूती दी है। ग्राहक सेवा में संस्थागत ढांचे, वाहन, शाखा भवन एवं उन्नत सुधार का प्रयास भी किया जाएगा। साल 2019-20 में 97200 लाख का फसली ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयुक्त एवं निबंधक द्वारा अलग अलग योजनाओं के लिए अनेक अनेक योजनाएं लाई जाती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed