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वाल्मीकि समाज शिक्षा में भागीदारी बढ़ाए: भगवत प्रसाद
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.. शहर में वाल्मीकि स्वाभिमान सम्मेलन में समाज की समस्याओं पर हुआ मंथन, मुख्यमंत्री के सामने मांगें रखने का एलान
.. सफाई कर्मचारियों की ठेकेदारी प्रथा खत्म कर स्थायी भर्ती, आउटसोर्स कर्मियों को 20 हजार रुपये वेतन देने समेत छह मांगों का ज्ञापन सौंपा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस ऑडिटोरियम में रविवार को राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से प्रदेश स्तरीय वाल्मीकि स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में वाल्मीकि समाज के उत्थान, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर मंथन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक भगवत प्रसाद मकवाना रहे और अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष देवदास चौहान ने की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि वाल्मीकि समाज शिक्षा में भागीदारी बढ़ाए। इससे देश दोबारा विश्व में शीर्ष स्तर पर होगा।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री रघुराज सिंह रहे। सम्मेलन में कल्कि पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णम, सांसद अनूप प्रधान तथा पंजाब के पूर्व विधायक अटवाल समेत विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सांसद अनूप प्रधान ने कहा कि समाज को संगठित होकर बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उन्हें सरकारी सेवाओं के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
भाजपा नेता आलोक सिसोदिया ने बताया कि कई वक्ताओं ने राजनीतिक भागीदारी कम होने पर चिंता जताते हुए समाज की संख्या के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अनुसूचित जाति के आरक्षण में वाल्मीकि समाज की भागीदारी बढ़ाने की मांग उठाई गई।
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कार्यक्रम में संगठन ने ज्ञापन देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। लेकिन अधिकारियों के स्तर पर उनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री की ओर से सीवर और सफाई कार्यों में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल तथा दुर्घटना की स्थिति में सहायता राशि दिए जाने के निर्देश का भी उल्लेख किया गया।
सम्मेलन में सफाई कर्मचारियों से जुड़ी छह प्रमुख मांगों का ज्ञापन भी तैयार कर मुख्यमंत्री को भेजने की बात कही गई। इसमें स्थानीय निकायों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन और संविदाकर्मियों को नियमित करने, सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर एक लाख स्थायी सफाई कर्मचारियों की भर्ती, आउटसोर्स कर्मियों को 20 हजार रुपये वेतन के साथ ईपीएफ, ईएसआई, अवकाश, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा अनुसूचित जाति आरक्षण में वाल्मीकि और वंचित जातियों के लिए पृथक आरक्षण लागू करने, उत्तर प्रदेश में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन करने तथा 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से अनुसूचित जाति की सीटों पर वाल्मीकि समाज को 10 टिकट देने की मांग रखी गई।
मुख्य अतिथि रघुराज सिंह ने वाल्मीकि समाज को मजबूत और ईमानदार समाज बताते हुए कहा कि समाज की ओर से रखी गई मांगों को प्रमुख लोगों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखने का प्रयास किया जाएगा। सम्मेलन में उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों से प्रतिनिधि और कार्यकर्ता पहुंचे।
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.. सफाई कर्मचारियों की ठेकेदारी प्रथा खत्म कर स्थायी भर्ती, आउटसोर्स कर्मियों को 20 हजार रुपये वेतन देने समेत छह मांगों का ज्ञापन सौंपा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस ऑडिटोरियम में रविवार को राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से प्रदेश स्तरीय वाल्मीकि स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में वाल्मीकि समाज के उत्थान, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी को लेकर मंथन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक भगवत प्रसाद मकवाना रहे और अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष देवदास चौहान ने की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि वाल्मीकि समाज शिक्षा में भागीदारी बढ़ाए। इससे देश दोबारा विश्व में शीर्ष स्तर पर होगा।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री रघुराज सिंह रहे। सम्मेलन में कल्कि पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णम, सांसद अनूप प्रधान तथा पंजाब के पूर्व विधायक अटवाल समेत विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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सांसद अनूप प्रधान ने कहा कि समाज को संगठित होकर बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उन्हें सरकारी सेवाओं के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
भाजपा नेता आलोक सिसोदिया ने बताया कि कई वक्ताओं ने राजनीतिक भागीदारी कम होने पर चिंता जताते हुए समाज की संख्या के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अनुसूचित जाति के आरक्षण में वाल्मीकि समाज की भागीदारी बढ़ाने की मांग उठाई गई।
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कार्यक्रम में संगठन ने ज्ञापन देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। लेकिन अधिकारियों के स्तर पर उनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री की ओर से सीवर और सफाई कार्यों में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल तथा दुर्घटना की स्थिति में सहायता राशि दिए जाने के निर्देश का भी उल्लेख किया गया।
सम्मेलन में सफाई कर्मचारियों से जुड़ी छह प्रमुख मांगों का ज्ञापन भी तैयार कर मुख्यमंत्री को भेजने की बात कही गई। इसमें स्थानीय निकायों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन और संविदाकर्मियों को नियमित करने, सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर एक लाख स्थायी सफाई कर्मचारियों की भर्ती, आउटसोर्स कर्मियों को 20 हजार रुपये वेतन के साथ ईपीएफ, ईएसआई, अवकाश, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा अनुसूचित जाति आरक्षण में वाल्मीकि और वंचित जातियों के लिए पृथक आरक्षण लागू करने, उत्तर प्रदेश में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन करने तथा 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से अनुसूचित जाति की सीटों पर वाल्मीकि समाज को 10 टिकट देने की मांग रखी गई।
मुख्य अतिथि रघुराज सिंह ने वाल्मीकि समाज को मजबूत और ईमानदार समाज बताते हुए कहा कि समाज की ओर से रखी गई मांगों को प्रमुख लोगों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखने का प्रयास किया जाएगा। सम्मेलन में उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों से प्रतिनिधि और कार्यकर्ता पहुंचे।