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उत्तर प्रदेश: दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा पर फर्जीवाड़े का संदेह, पाए गए संदिग्ध अभ्यर्थी

Wed, 27 Jun 2018 11:36 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 27 Jun 2018 11:36 AM IST
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Uttar Pradesh: suspicion of fraud on written examination of police recruitment
फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा पर फर्जीवाड़े का संदेह सामने आने लगा है। एसआई अभ्यर्थियों की नाप-तौल के दो अभ्यर्थी संदिग्ध पाए गए। बॉयोमेट्रिक से दोनों के फोटो मिलान न होने पर पुलिस अफसरों का संदेह गहरा गया। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि इन दोनों अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा नहीं दी और इनकी जगह दूसरे अभ्यर्थियों को बैठाया गया।

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यूपी पुलिस में एसआई के करीब साढ़े तीन हजार पदों के लिए आवेदन निकले थे। लिखित परीक्षा छह माह पहले हुई थी। 31 मई को ही लिखित परीक्षा का रिजल्ट आया था। लिखित परीक्षा में करीब दस हजार अभ्यर्थी पास हुए हैं। जिनके बाद अभ्यर्थियों के नापतौल, अभिलेखों का सत्यापन में पास होने के बाद उन्हें 4800 मीटर की दौड़ पास करनी है। उसके बाद मेरिट के बाद एसआई के लिए अभ्यर्थियों का चयन होगा। भर्ती परीक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। बायोमेट्रिक सिस्टम से ही अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा दी। जिसमें उनके फोटो के अलावा फिंगर प्रिंट भी लिए गए। आवेदन करने से लेकर चयन होने तक की पूरी प्रक्रिया बायोमेट्रिक सिस्टम पर है।
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दो युवक माने गए संदिग्ध
प्रदेश में मेरठ पुलिस लाइन समेत आठ स्थानों पर अभ्यर्थियों की नापतौल और प्रमाणपत्रों का सत्यापन के लिए सेंटर बनाए गए हैं। रविवार को 200 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसमें से 169 अभ्यर्थी पहुंचे। लंबाई, सीने की चौड़ाई और अभिलेख सत्यापन किया गया। इनमें से 162 अभ्यर्थी पास हुए। जबकि लंबाई कम होने से चार अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर गए। एक अभ्यर्थी जाति प्रमाण पत्र के कारण बाहर कर दिया गया। अन्य दो अभ्यर्थियों का बॉयोमेट्रिक से फोटो मिलान नहीं हुआ। पुलिस अफसरों ने बागपत के कमल और शामली के गौरव को संदिग्ध माना और पूछताछ की। क्राइम ब्रांच ने भी सख्ती से पूछताछ की। जिसके बाद पुलिस हिरासत में सिविल लाइन थाने भेज दिया। बाद में दोनों को निजी मुचलके पर परिजनों की सुपुर्दगी में छोड़ा गया और उनके कागजात जमा कर लिए गए।
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सोमवार को 168 अभ्यर्थी पास
एसपी ट्रैफिक/ नोडल अधिकारी संजीव वाजपेयी ने बताया कि सोमवार को चौथे दिन 200 अभ्यर्थी बुलाए गए थे। जिनमें से 168 अभ्यर्थी पहुंचे। जिनमें से लंबाई कम होने के कारण पांच अभ्यर्थी बाहर हो गए। दो अभ्यर्थी डॉक्यूमेंट्स और प्रमाणपत्र में बाहर हुए हैं। एक अभ्यर्थी का बायामेट्रिक मिसपंच आया है। फिंगर प्रिंट मिलान न होने पर जांच बैठाते हुए भर्ती बोर्ड को रिपोर्ट भेजी है। लेकिन चेहरे को फोटो सही पाया गया है।

19 जून को पकड़ा था गिरोह

Uttar Pradesh: suspicion of fraud on written examination of police recruitment
यूपी पुलिस

एसटीएफ मेरठ ने 19 जून को कंकरखेड़ा से सिपाही लिखित परीक्षा के दौरान सॉल्वरों सहित 23 लोगों को पकड़ा था। इस गिरोह ने अभ्यर्थियों से पैसा लेकर सॉल्वर बैठाने की प्लानिंग की थी। जिनसे दस लाख रुपये और मोबाइल भी बरामद हुए थे। मास्टरमाइंड शकील ने बताया कि सरगना अरविंद राणा और कवि व एक अन्य युवक हैं। जिसमें अरविंद राणा पहले भी बागपत से जुड़ा हुआ रहा है। 

भर्ती बोर्ड को भेजी गई रिपोर्ट
दोनों अभ्यर्थियों की रिपोर्ट भर्ती बोर्ड को भेजी गई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि फिंगर प्रिंट में तो यह हो सकता है कि हाथ हिल गया हो। लेकिन परीक्षा देते समय जो फोटो थे दोनों के चेहरे के फोटो नहीं मिले। जिसके बाद अफसरों को संदेह हो गया कि कहीं सॉल्वर गैंग के सदस्यों या फिर किसी दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया गया है। पूछताछ में एक अभ्यर्थी यह भी नहीं बता पाया कि कौन से हाथ के अंगूठे का निशान है। वहीं, परीक्षा कक्ष में हाजिरी कैसे लगी थी। परीक्षा केंद्र के अंदर की जानकारी भी एक अभ्यर्थी सही तरीके से नहीं बता सका। अफसरों ने जेल भेजने की बात कही तो अभ्यर्थी सकपका गया। 

15 प्रतिशत की अनुपस्थिति
दरोगा बनने के लिए लिखित परीक्षा पास करने के बाद नापतौल के लिए भी करीब 15 से 18 प्रतिशत अभ्यर्थी अभी तक मेरठ सेंटर पर अनुपस्थित रहे हैं। जिसमें अफसरों का कहना है कि एक अभ्यर्थी को प्रत्येक प्रक्रिया में बायोमेट्रिक हाजिरी से गुजरना है। जिसमें संदिग्ध पकड़ में आ ही जाएंगे।

प्रथमदृष्टया हो सकती है संलिप्तता
दो अभ्यर्थियों के फोटो मिलान नहीं हुए। प्रथम दृष्टया दोनों की लिखित परीक्षा में संलिप्तता हो सकती है। उच्च अधिकारियों को मामला अवगत कराते हुए भर्ती बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी गई है। -संजीव वाजपेयी, नोडल अधिकारी, भर्ती परीक्षा

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