UPSC Results 2019: मेरठ की तानिया को मिली 159वीं रैंक, शादी के दूसरे दिन था इंटरव्यू
- तानिया 159वीं रैंक, तीसरी बार में मिली सफलता, शादी के दूसरे दिन था इंटरव्यू
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शास्त्रीनगर एल ब्लॉक निवासी तानिया सिंघल ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा में ऑल इंडिया में 159 वीं रैंक हासिल की है। तानिया की इस उपलब्धि पर परिचित और रिश्तेदार बधाई दे रहे हैं।
शास्त्रीनगर के एल-471 निवासी तानिया सिंघल ने कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई डीएवी स्कूल शास्त्रीनगर से की।
इसके बाद उन्होंने आईआईटी रुड़की से मेकेनिकल में इंजीनियरिंग की। आईआईटी से बीटेक के बाद एक साल तक उन्होंने गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी की। यहां पर एक दोस्त के प्रोत्साहन के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की।
तानिया ने बताया कि तीन साल से वह लगातार सिविल सर्विसेज परीक्षा दे रहीं थी। दो बार इंटरव्यू तक पहुंची लेकिन मंजिल नहीं मिली। अबकी बार और मेहनत की तो सफलता मिल गई।
जब शादी के दो दिन बाद पड़ गई इंटरव्यू की तारीख
तानिया की शादी उत्तराखंड निवासी शशांक से इसी साल 26 फरवरी को हुई है। शशांक भी आईआईटी इंजीनियर हैं। वह बंगलूरू में प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं। तानिया बताती हैं कि शादी की तारीख पक्की हुई तो बीच में इंटरव्यू की तारीख आ गई।
28 फरवरी को इंटरव्यू होना था। शादी की सारी तैयारी पूरी हो चुकी थी, ऐसे में 26 को ही शादी हुई। 28 को इंटरव्यू दिया। तानिया का कहना है कि तैयारी पहले से अच्छी थी इसलिए कोई मुश्किल नहीं आई।
कूड़ा कभी नहीं फैलाया, प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने को चलाएंगी मुहिम
तानिया पर्यावरण को लेकर बेह चिंतित हैं। वह अधिकतर कूड़े को खुद कंपोस्ट करती हैं। गीला-सूखा कचरा खुद अलग करती हैं। प्लास्टिक का इस्तेमाल बिलकुल नहीं करती हैं। वह कहती हैं कि इसको लेकर हर व्यक्ति की सोच बदले तो देश की सूरत बदल सकती है। हर किसी को इसके लिए पहल करते हुए मुहिम चलानी चाहिए।
परिवार की बड़ी बेटी हैं तानिया
तानिया के पिता मुकेश सिंघल बिजनैसमेन हैं। माता रीना सिंघल गृहिणी हैं। एक बहन यशिका और भाई सत्यम हैं।
मूल रूप से बागपत रोड निवासी ओजस्वी राज की सिविल सर्विसेज में 227वीं रैंक आई है। ओजस्वी के नाना रामकिशन वर्मा किठौर के विधायक रहे हैं। मामा जितेंद्र वर्मा भाजपा के नेता हैं।
ओजस्वी की प्रारंभिक शिक्षा मेरठ में सेंट मैरीज में रही। उनके पिता राज अवतार सिंह सिंचाई विभाग में इंजीनियर रहे हैं।
मेरठ से उनका ट्रांसफर होने के बाद फिर वे रुड़की चले गए। ओजस्वी ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने भारतीय संसद की परीक्षा में नौवीं रैंक हासिल की। वे वहां पर अधिशासी अधिकारी नियुक्त हुए।
ओजस्वी बताते हैं कि सिविल सर्विसेज की तरफ उनका रूझान दोस्तों की वजह से आया। कई दोस्तों ने कहा कि सिविल सर्विसेज की तैयारी करो तो जुट गए पढ़ाई में। इससे पहले भी इंटरव्यू दिया लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
ओजस्वी बताते हैं कि दूसरी बार और मेहनत की तो सफलता मिल गई। उनका कहना है कि वे अपनी रैंक से संतुष्ट हैं। वे कहते हैं कि जिस क्षेत्र में भी वे जाएंगे वहां पर कुछ अलग करना चाहते हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय माता नीतू सिंह, पिता राज अवतार सिंह और दोस्तों को देते हैं। ओजस्वी की सफलता पर उनके मामा भाजपा नेता जितेंद्र वर्मा ने बधाई दी है।