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Meerut News: काॅलेज में छात्राओं के आरोपों पर हंगामा, प्रधानाचार्य ने बताया निराधार
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- परिजनों के साथ कॉलेज पहुंचीं छात्राओं की माताएं, पुलिस ने ली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला (मेरठ)। सकौती स्थित हितकारी किसान इंटर कॉलेज में शुक्रवार को छात्राओं से जुड़े आरोपों को लेकर हंगामा हो गया। कई छात्राओं की माताएं परिजनों के साथ कॉलेज पहुंचीं और प्रधानाचार्य पर अशोभनीय बातें करने तथा एक क्लास टीचर पर मामले की जानकारी घर में नहीं देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। सूचना पर सकौती चौकी पुलिस और थाना महिला हेल्प डेस्क की टीम कॉलेज पहुंची। पुलिस ने छात्राओं और उनके परिजनों से जानकारी ली। करीब 12 से अधिक छात्राओं और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान कॉलेज परिसर में काफी देर तक गहमागहमी रही।
सकौती निवासी छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली उनकी बेटी को प्रधानाचार्य ने कार्यालय में बुलाकर अशोभनीय तरीके से बातचीत की। छात्रा ने इसकी जानकारी सहपाठियों को दी और क्लास टीचर से शिकायत की। आरोप है कि क्लास टीचर ने मामले को वहीं खत्म करने और घर पर इसकी जानकारी नहीं देने की बात कही। घर पहुंचने पर छात्रा ने परिजनों को घटना बताई। इसके बाद अन्य छात्राओं की माताएं भी कॉलेज पहुंच गईं। परिजनों ने प्रधानाचार्य से बातचीत कर विरोध जताया। बातचीत के बाद प्रधानाचार्य ने छात्राओं को अकेले कार्यालय में नहीं बुलाने और छात्राओं के साथ किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं करने की बात कही। इसके बाद संबंधित छात्रा की मां ने किसी कार्रवाई से इन्कार कर दिया और बेटी की छुट्टी कराकर उसे अपने साथ ले गई। हंगामे के दौरान अन्य छात्राओं की माताओं ने भी कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाए। एक छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पहले बेटी का दाखिला कराने के लिए वह पति के साथ कॉलेज आई थीं। उस समय जींस-टॉप पहनकर आने पर बेटी को डांटने और उसके बाल खींचने का आरोप लगाया।
एक गांव निवासी दो छात्राओं की माताओं ने मामले की उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही और अपनी बेटियों को कॉलेज से साथ ले जाने की मांग की। वहीं, लोईया से पहुंचे कुछ युवकों ने करीब डेढ़ वर्ष पहले एक छात्र के साथ जातीय भेदभाव करने और उसका नाम काटने का आरोप लगाया। महिला हेल्प डेस्क प्रभारी इंदु सैनी ने बताया कि संबंधित छात्रा और उसकी मां ने गलतफहमी के चलते विवाद होने की बात कही है। उन्होंने किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इन्कार किया है।
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कॉलेज प्रधानाचार्य अनिल कुमार त्रिपाठी ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित छात्रा को सकौती स्थित बैंक शाखा से चार बार पांच हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिल चुकी है। इस बार छात्रवृत्ति के लिए अन्य छात्राओं के नाम भेजे जाने के संबंध में वह उनके कार्यालय आई थी। उस समय कॉलेज का क्लर्क भी कार्यालय में मौजूद था। उन्होंने छात्रा को समझाकर वापस भेज दिया था। प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत और निराधार हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला (मेरठ)। सकौती स्थित हितकारी किसान इंटर कॉलेज में शुक्रवार को छात्राओं से जुड़े आरोपों को लेकर हंगामा हो गया। कई छात्राओं की माताएं परिजनों के साथ कॉलेज पहुंचीं और प्रधानाचार्य पर अशोभनीय बातें करने तथा एक क्लास टीचर पर मामले की जानकारी घर में नहीं देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। सूचना पर सकौती चौकी पुलिस और थाना महिला हेल्प डेस्क की टीम कॉलेज पहुंची। पुलिस ने छात्राओं और उनके परिजनों से जानकारी ली। करीब 12 से अधिक छात्राओं और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान कॉलेज परिसर में काफी देर तक गहमागहमी रही।
सकौती निवासी छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली उनकी बेटी को प्रधानाचार्य ने कार्यालय में बुलाकर अशोभनीय तरीके से बातचीत की। छात्रा ने इसकी जानकारी सहपाठियों को दी और क्लास टीचर से शिकायत की। आरोप है कि क्लास टीचर ने मामले को वहीं खत्म करने और घर पर इसकी जानकारी नहीं देने की बात कही। घर पहुंचने पर छात्रा ने परिजनों को घटना बताई। इसके बाद अन्य छात्राओं की माताएं भी कॉलेज पहुंच गईं। परिजनों ने प्रधानाचार्य से बातचीत कर विरोध जताया। बातचीत के बाद प्रधानाचार्य ने छात्राओं को अकेले कार्यालय में नहीं बुलाने और छात्राओं के साथ किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं करने की बात कही। इसके बाद संबंधित छात्रा की मां ने किसी कार्रवाई से इन्कार कर दिया और बेटी की छुट्टी कराकर उसे अपने साथ ले गई। हंगामे के दौरान अन्य छात्राओं की माताओं ने भी कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाए। एक छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पहले बेटी का दाखिला कराने के लिए वह पति के साथ कॉलेज आई थीं। उस समय जींस-टॉप पहनकर आने पर बेटी को डांटने और उसके बाल खींचने का आरोप लगाया।
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एक गांव निवासी दो छात्राओं की माताओं ने मामले की उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही और अपनी बेटियों को कॉलेज से साथ ले जाने की मांग की। वहीं, लोईया से पहुंचे कुछ युवकों ने करीब डेढ़ वर्ष पहले एक छात्र के साथ जातीय भेदभाव करने और उसका नाम काटने का आरोप लगाया। महिला हेल्प डेस्क प्रभारी इंदु सैनी ने बताया कि संबंधित छात्रा और उसकी मां ने गलतफहमी के चलते विवाद होने की बात कही है। उन्होंने किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इन्कार किया है।
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कॉलेज प्रधानाचार्य अनिल कुमार त्रिपाठी ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित छात्रा को सकौती स्थित बैंक शाखा से चार बार पांच हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिल चुकी है। इस बार छात्रवृत्ति के लिए अन्य छात्राओं के नाम भेजे जाने के संबंध में वह उनके कार्यालय आई थी। उस समय कॉलेज का क्लर्क भी कार्यालय में मौजूद था। उन्होंने छात्रा को समझाकर वापस भेज दिया था। प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत और निराधार हैं।