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मरीज की मौत पर अस्पताल में हंगामा
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मरीज की मौत पर अस्पताल में हंगामा
मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर ज्यादा बिल बनाने का आरोप लगाया। सूचना पर नौचंदी थाना पुलिस पहुंची। उसके साथ भी पीड़ितों की नोकझोंक हुई। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
लिसाड़ीगेट क्षेत्र के शहजाद कॉलोनी निवासी शमशाद (35) पुताई का काम करता था। एक सप्ताह से वह शहजाद कॉलोनी में रियाजुद्दीन के घर पर काम कर रहा था। दो दिन पहले तबीयत खराब होने पर उसे एल ब्लॉक स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने 40 हजार का बिल बनाया तो परिजनों ने हंगामा कर दिया।
शमशाद के परिजनों ने कहा कि यह बिल ज्यादा है और इसे रियाजुद्दीन जमा करेंगे। अस्पताल प्रशासन ने बिना पैसे जमा कराए शव देने से इनकार कर दिया। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अधिक बिल बनाने का आरोप लगाया था। समझौते के बाद परिजन शव ले गए।
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मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर ज्यादा बिल बनाने का आरोप लगाया। सूचना पर नौचंदी थाना पुलिस पहुंची। उसके साथ भी पीड़ितों की नोकझोंक हुई। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
लिसाड़ीगेट क्षेत्र के शहजाद कॉलोनी निवासी शमशाद (35) पुताई का काम करता था। एक सप्ताह से वह शहजाद कॉलोनी में रियाजुद्दीन के घर पर काम कर रहा था। दो दिन पहले तबीयत खराब होने पर उसे एल ब्लॉक स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने 40 हजार का बिल बनाया तो परिजनों ने हंगामा कर दिया।
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शमशाद के परिजनों ने कहा कि यह बिल ज्यादा है और इसे रियाजुद्दीन जमा करेंगे। अस्पताल प्रशासन ने बिना पैसे जमा कराए शव देने से इनकार कर दिया। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अधिक बिल बनाने का आरोप लगाया था। समझौते के बाद परिजन शव ले गए।
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