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बसपा में हलचल, डैमेज कंट्रोल करने उतरे एमएलसी अतर सिंह राव, निष्कासन को लेकर कही ये बात

Wed, 13 Nov 2019 12:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 13 Nov 2019 12:47 PM IST
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Uproar in BSP, damage control started
पार्टी समर्थको के साथ एमएलसी अतर सिंह राव - फोटो : अमर उजाला
पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनकी पत्नी महापौर सुनीता वर्मा को बसपा से निष्कासित करने के बाद हलचल मची है। योगेश वर्मा गुट के निगम के कई बसपा पार्षदों के उनके समर्थन में बसपा छोड़ने के दावों पर पार्टी के आला नेता सतर्क हो गए हैं।
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मंगलवार को इसी मामले में बसपा के एमएलसी अतर सिंह राव को मेरठ व बुलंदशहर का प्रभारी बनाकर डैमेज कंट्रोल के लिए भेजा गया। राव ने पार्टी कार्यालय में बसपा पार्षदों के साथ बैठक करने के बाद दावा किया कि 28 में से 24 बसपा पार्षदों ने पार्टी के साथ निष्ठा जताई है।

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पूर्व विधायक योगेश वर्मा जिले के प्रभावी दलित नेता हैं। 2 अप्रैल 2018 के दलित आंदोलन में भी कमान उनके हाथ थी और वह जेल भी गए थे। इसके साथ ही पार्टी से अलग भी दलित और मुस्लिमों के साथ अन्य बिरादरियों में भी योगेश वर्मा को खासा समर्थन प्राप्त है।

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इसी के बूते वह देहात की राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद महानगर में अपनी पत्नी सुनीता वर्मा को महापौर निर्वाचित कराने में कामयाब हो गए। लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही थीं। पहले जहां भाजपा में आने की चर्चा हुई तो अब सपा नेताओं के संपर्क में होने की चर्चा चल रही थी।

 

इन्हीं चर्चाओं के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने योगेश वर्मा और सुनीता वर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस निष्कासन के बाद नगर निगम के कई बसपा पार्षदों ने योगेश वर्मा और सुनीता वर्मा का निलंबन वापस लेने का दबाव बनाया। लेकिन जब बात नहीं बनी तो पार्टी छोड़ कर योगेश वर्मा के साथ आधा दर्जन से ज्यादा पार्षदों के होने का दावा किया गया।
 

बसपा में मची इस हलचल की खबर पार्टी हाईकमान तक पहुंची। जिस पर बसपा सुप्रीमो ने दलित नेता के निष्कासन के बाद दूसरे दलित नेता को मेरठ में लगाने की रणनीति अपनाते हुए एमएलसी अतर सिंह राव को फिर से मेरठ में सक्रिय किया है। अतर सिंह को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था। लेकिन साथ ही अब उन्हें मेरठ और बुलंदशहर का भी इंचार्ज बनाया गया है।

 

बसपा सूत्रों के अनुसार योगेश वर्मा ने लोकसभा चुनाव बुलंदशहर से लड़ा था, ऐसे में योगेश वर्मा कहीं बुलंदशहर में भी पार्टी विरोधी गतिविधियां संचालित न कर दें तो मेरठ के साथ बुलंदशहर में भी अतर सिंह राव को लगाया गया है।

योगेश कर रहे थे अनुशासनहीनता: राव
अतर सिंह राव ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय में निगम पार्षदों के साथ बैठक की। जिलाध्यक्ष सुभाष प्रधान ने बैठक के बाद दावा किया कि इस बैठक में पार्षद मनोज, नरेश जाटव, राजकुमार, सुमित बौद्घ, धर्मवीर, भोपाल चांदना, परमानंद, जयवीर सिंह, रमेश पाल, मौ. इदरीस, हाजी शौकत, मौ. कासिम, सलीम मलिक, दिलशाद अली, सिराजुद्दीन, तैय्यब, नवाब, सईद आदि मौजूद रहे। बैठक में सभी ने बसपा के साथ होने का दावा किया। वहीं चार पार्षद व्यक्तिगत कारणों से बैठक में नहीं आ सके। लेकिन उन्होंने भी पार्टी में पूरी निष्ठा जताई है।


वहीं, राव ने कहा कि योगेश वर्मा काफी समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। पार्टी ने उन्हें इतना सम्मान दिया। लेकिन वह कभी भाजपा तो अब सपा में जाने के लिए गुपचुप तरीके से लगे थे। अब वह बसपा पार्षदों को लेकर भी दुष्प्रचार कर रहे हैं। जिन पार्षदों के इस्तीफे उन्होंने प्रस्तुत किए हैं, उनमें कई ने बताया कि उनके लेटर हैड महापौर के पास थे, जिसका दुरुपयोग करते हुए उनके त्यागपत्र देने की बात कही जा रही है।

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