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लिसाड़ीगेट थाने के खिलाफ एसएसपी आफिस पर हंगामा
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लिसाड़ीगेट थाने के खिलाफ एसएसपी आफिस पर हंगामा
मेरठ। हत्या के मामले में नामजद आरोपी को छोड़ने से नाराज लिसाड़ीगेट के लोगों ने बुधवार को एसएसपी आफिस पर हंगामा कर दिया। उनका आरोप था कि थाना पुलिस जानबूझकर आरोपी को बचा रही है। इस मामले से जुड़े गवाहों ने भी अफसरों को पूरी घटना की जानकारी दी।
मेवगढ़ी मजीदनगर निवासी यासीन का कहना था कि कुछ दिन पूर्व मोबाइल चोरी के शक में मोहल्ले के ही नफीस, सलमान जनाना, शानू, दानिश, सोने व एक अज्ञात ने उनके बेटे की हत्या कर दी थी। लोगों ने मौके पर ही सलमान जनाना को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। आरोप है कि अगले दिन जब वह थाने पहुंचे तो कोतवाल ने सलमान को बेगुनाह बताना शुरु कर दिया और उसे छोड़ देने की बात कही। रात में उसे छोड़ दिया गया, जिसके बाद उसने घर आकर धमकी भी दी। उनहोंने आपति जताई तो कोतवाल द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। यासीन ने बताया कि उसके साथ वह लोग भी आये हैं जो इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं और मुख्य गवाह हैं। कुछ लोगों ने अफसरों को पूरी घटना की जानकारी भी दी। बाद में उन्हें न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए लौटा दिया गया।
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मेरठ। हत्या के मामले में नामजद आरोपी को छोड़ने से नाराज लिसाड़ीगेट के लोगों ने बुधवार को एसएसपी आफिस पर हंगामा कर दिया। उनका आरोप था कि थाना पुलिस जानबूझकर आरोपी को बचा रही है। इस मामले से जुड़े गवाहों ने भी अफसरों को पूरी घटना की जानकारी दी।
मेवगढ़ी मजीदनगर निवासी यासीन का कहना था कि कुछ दिन पूर्व मोबाइल चोरी के शक में मोहल्ले के ही नफीस, सलमान जनाना, शानू, दानिश, सोने व एक अज्ञात ने उनके बेटे की हत्या कर दी थी। लोगों ने मौके पर ही सलमान जनाना को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। आरोप है कि अगले दिन जब वह थाने पहुंचे तो कोतवाल ने सलमान को बेगुनाह बताना शुरु कर दिया और उसे छोड़ देने की बात कही। रात में उसे छोड़ दिया गया, जिसके बाद उसने घर आकर धमकी भी दी। उनहोंने आपति जताई तो कोतवाल द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। यासीन ने बताया कि उसके साथ वह लोग भी आये हैं जो इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं और मुख्य गवाह हैं। कुछ लोगों ने अफसरों को पूरी घटना की जानकारी भी दी। बाद में उन्हें न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए लौटा दिया गया।
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