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UP: भाकियू ने आखिर क्यों दे डाली आंदोलन की चेतावनी? मेरठ जोन के दो लाख से ज्यादा किसानों से जुड़ा है मामला

Fri, 28 Mar 2025 12:47 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Fri, 28 Mar 2025 12:47 PM IST
सार

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मेरठ में बड़े आंदोलन की चेतावनी दे डाली है। बता दें कि मेरठ जोन के दो लाख से भी ज्यादा किसानों से यह मामला जुड़ा है। शुक्रवार को सभी जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा।

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UP: Why did BKU threaten to launch agitation in Meerut? The matter involves more than two lakh farmers
किसान नेता राकेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऊर्जा विभाग की ओर से कृषि फीडर की विद्युत आपूर्ति का समय 10 घंटे प्रतिदिन से घटाकर 7 घंटे प्रतिदिन दो वर्गों में विभाजित कर दिया गया है। किसानों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आंदोलन की चेतावनी दे दी है।

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शुक्रवार को इसे लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। अन्य किसान संगठनों व किसान नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। हालांकि गुरुवार को विभाग की ओर से कृषि फीडर की आपूर्ति को सात से बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया, लेकिन किसान संगठन इसे 12 घंटे की मांग की।
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पहले 10 घंटे प्रतिदिन सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से रोस्टर में बदलाव किया है। अब विभाग की ओर से कृषि फीडरों पर प्रतिदिन 7 घंटे कृषि सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति कराई जा रही है। इसे भी दो वर्गों में विभाजित कर दिया है। सुबह 5:15 से 10:15 बजे तक और शाम के समय शाम 4 बजे से 6 बजे तक विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इतने कम समय में किसानों के खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है।

मेरठ जोन में दो लाख से अधिक किसान प्रभावित
मेरठ और बागपत क्षेत्र में लगभग दो लाख के आसपास किसान हैं। ऐसे में कृषि फीडर की विद्युत आपूर्ति में कटौती किए जाने से किसानों को चिंता सता रही है। उनका मानना है कि दिन में सात घंटे आपूर्ति किए जाने और वह भी दो वर्गों में विभाजित किए जाने से सिंचाई होना मुमकिन नहीं हैं। किसान का पूरा दिन खेत पर भी खराब हो जाएगा।

आज जिला मुख्यालय घेरेगी भाकियू
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि ऊर्जा विभाग के इस निर्णय को लेकर आज जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। एक ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा जाएगा, जिसमें सर्दियों में 10 घंटे विद्युत आपूर्ति और गर्मियों में 12 घंटे प्रतिदिन विद्युत आपूर्ति किए जाने की मांग की जाएगी। अगर ऊर्जा विभाग ने यह मांग नहीं मानी तो जल्द ही महापंचायत की तैयारी की जाएगी।

सभी जिलों में होगा आंदोलन: राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यह किसान विरोधी निर्णय है। किसानों की फसल की सिंचाई समय पर नहीं हो पाएगी तो उसे नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। संगठन की ओर से इसे लेकर आज सभी जिला मुख्यालयों में ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद कोई निर्णय नहीं निकला तो बड़ा आंदोलन संगठन की ओर से किया जाएगा। किसानों के साथ कोई जागती नहीं होने दी जाएगी।

किसानों की समस्याओं को उठाएंगे
किसान नेता मोनू ढिंढाला ने कहा कि कृषि फीडरों की विद्युत कटौती को विभाग को बंद करना होगा। इसे लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जल्द ही अधिकारियों को घेरने की तैयारी की जाएगी।

आगामी चुनाव में जवाब देंगे किसान
युवा किसान नेता शेरा जाट ने कहा कि किसानों की समस्याओं की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। कभी नलकूप कनेक्शन तो कभी विद्युत आपूर्ति के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों में किसानों को एकजुट होकर इसका जवाब देना होगा।
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