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UP: शंकराचार्य बोले-गोवध करने वाला भाई नहीं कसाई है, प्रेम करना सिखाता है सनातन
Thu, 06 Mar 2025 06:07 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Thu, 06 Mar 2025 06:07 PM IST
सार
मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा कहते हुए कहा कि सनातन प्रेम करना सिखाता है। उन्होंने कहा कि गोवध करने वाला भाई नहीं कसाई है।
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। यहां कथा वाचन करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गोवध करने वाला भाई नहीं कसाई है। सनातन धर्म लोगों को प्रेम करना सिखाता है।
कॉलोनी में बने शिव मंदिर में भगवान शिव के परिवार की प्राण प्रतिष्ठा विधि विधान के साथ हुई। भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य के अंदर एक नई ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है।
हाईवे स्थित योगीपुरम कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि संसार में प्रेम का बंधन सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा कि पराम्बा राजराजेश्वरी के चरण कमलों की उपासना से तकलीफें दूर हो जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि जो धर्म पर नहीं चलते वह पशु समान होते हैं। 17 मार्च को शंकराचार्य दिल्ली के रामलीला मैदान में गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने के लिए सभा करेंगे।
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कॉलोनी में बने शिव मंदिर में भगवान शिव के परिवार की प्राण प्रतिष्ठा विधि विधान के साथ हुई। भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य के अंदर एक नई ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है।
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हाईवे स्थित योगीपुरम कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि संसार में प्रेम का बंधन सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा कि पराम्बा राजराजेश्वरी के चरण कमलों की उपासना से तकलीफें दूर हो जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि जो धर्म पर नहीं चलते वह पशु समान होते हैं। 17 मार्च को शंकराचार्य दिल्ली के रामलीला मैदान में गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने के लिए सभा करेंगे।