यूपी: मदरसों में नही रुक रहा फर्जीवाड़ा, 17.10 लाख का भुगतान, एक सोसायटी पर 9 मदरसे संचालित
मेरठ में अल्पसंख्यक विभाग के मदरसों में फर्जीवाड़ा नही रुक रहा है। जांच में 11 मदरसे ऐसे सामने आए हैं, जिनमें सांठगांठ कर शिक्षक मानदेय के नाम पर 17,10,000 रुपये भुगतान कर दिया गया। जबकि इनमें कुछ मदरसे ऐसे हैं, जिनका अता पता ही नही है। एक मदरसे पर छात्रवृत्ति गबन के मामले में एफआईआर हो चुकी है। जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के पास है। वहीं कुछ मदरसों को नियमों के विपरीत भुगतान कर दिया गया है।
मदरसा दर्सगाह इस्लामिया राधना इनायतपुर में छात्रवृत्ति हड़पने की एफआईआर दर्ज हुई थी। इसकी जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा कर रही है। इसके बावजूद मदरसे के तीन शिक्षकों को छह माह का 2.16 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया।
मदरसा हदीसुल कुरआन लिलबनात गर्ल्स ललियाना और मदरसा इस्लामिया अरेबिया लिलबनात गर्ल्स परीक्षितगढ़ की मान्यता ही नहीं है। यहां के शिक्षकों को 63-63 हजार रुपये भुगतान कर दिया गया। मदरसा इंतजार उल उलूम ललियाना, मदरसा नुरूल उलूम जाकिर कालोनी और मदरसा फैजुल कुरआन मजीदनगर हवा में संचालित है, इनमें भी 63- 63 हजार का भुगतान कर दिया गया।
मदरसा दरसे हदीस ललियाना को 10 फरवरी 2015 को मान्यता प्रदान की गई। नियमानुसार मदरसे को मान्यता के तीन वर्ष बाद आधुनिकीकरण योजना के तहत लाभ दिया जाता है। लेकिन इस मदरसा सहित फौकानिया मदरसा इस्लामिया लिलबनात परीक्षितगढ़ और मदरसा फैजुल कुरान ग्राम पचपेड़ा को 2.79- 2.79 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
जबकि मदरसा इस्लामिया अरबिया कादिरूल उलूम शौंदत्त मानकों के विपरीत संचालित है। यहां भी 63 हजार रुपये भुगतान कर दिया गया। आलिया मदरसा कादिरूल उलूम अरेबिक शौंदत्त का अस्तित्व ही नही है। लेकिन सांठगांठ से इस मदरसे के तीन शिक्षकों के नाम पर 2.79 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया।
एक सोसायटी पर 9 मदरसे संचालित
विभागीय मिलीभगत से सरकार को चूना लगाया जा रहा है। इसका एक उदाहरण और सामने आया है। जिसमें एक ही सोसायटी के नाम पर 9 मदरसे संचालित हो रहे हैं। मदरसा हदीसुल कुरआन सोशल डेवलपमेंट एंड अवेयरनेस सोसायटी ग्राम ललियाना के नाम पर 9 मदरसे इस सूची में है। इनमें फर्जीवाड़ा सामने आया है।
मेरे पास शिकायत आई है, इस मामले में जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार कार्रवाई तय की जाएगी। मामले में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी