मेरठ: अपहृत बच्ची का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका
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मेरठ के परतापुर से 12 अगस्त को अपहृत हुई आठ साल की बच्ची का पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा पाई है। वहीं बच्ची के परिजन लगातार अनहोनी का अंदेशा जताकर बच्ची को तलाश किए जाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने रविवार को इस मामले में तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
खेत में मिला बच्ची का ताबीज
परतापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बच्ची को उसकी मौसेरी बहन 12 अगस्त को घर से सैदपुर भोजपुर गाजियाबाद निवासी अपने प्रेमी राशिद के यहां लेकर गई थी। मौसेरी बहन तो लौट आई, लेकिन बच्ची तभी से गायब है। पुलिस की कांबिंग में गांव के जंगल में बच्ची के गले का ताबीज बरामद हुआ था।
बच्ची के परिजनों ने थाना परतापुर पर मौसेरी बहन, उसके प्रेमी राशिद, उसके दोस्तों उस्मान व आलम के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद भी पुलिस बच्ची का सुराग नहीं लगा सकी। उधर, बच्ची के परिजनों को आशंका है कि बच्ची को या तो मार दिया गया है या उसे आरोपियों ने कहीं बेच दिया है।
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इंस्पेक्टर परतापुर सुभाष अत्री का कहना है कि आरोपी लगातार बयान बदल कर गुमराह कर रहे थे। बच्ची की तलाश में पुलिस ने मेरठ, आसपास के जिलों में बस अड्डों व रेलवे स्टेशन पर बच्ची के गुम होने के पोस्टर लगा दिए हैं। पुलिस ने युवती, उसके प्रेमी राशिद और उस्मान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।