फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   up police constable suspended after dead body funeral with rotten tire in baghpat

मानवता शर्मसार: सड़े-गले टायर से कर दिया शव का अंतिम संस्कार, हेड कांस्टेबल सस्पेंड 

Thu, 10 Jan 2019 06:34 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 10 Jan 2019 06:34 PM IST
विज्ञापन
up police constable suspended after dead body funeral with rotten tire in baghpat
बागपत न्यूज

यूपी के बागपत में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां सिसाना गांव के यमुना खादर में लकड़ी के बजाए टायरों से लावारिस शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया और ये सब हुआ पुलिस की आंखों के सामने।

विज्ञापन


इस मामले में एसपी ने हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। अज्ञात व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कोतवाली प्रभारी ने साढ़े चार हजार रुपये की धनराशि भी दी थी, लेकिन हेड कांस्टेबल ने गाड़ी के टायरों से शव का अंतिम संस्कार कर दिया।  
विज्ञापन


सिसाना गांव के जंगल में चार दिन पहले नलकूप के हौज में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने 72 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया। कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भेजा गया। हेड कांस्टेबल ने लकड़ी के स्थान पर गाड़ी के टायरों से शव का अंतिम संस्कार कर दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने बताया कि कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने हेड कांस्टेबल को शव के अंतिम संस्कार के लिए साढ़े चार हजार रुपये भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद शव का अंतिम संस्कार टायरों से कर दिया। यह गलत है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सरकार की तरफ से भी लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए 2700 रुपये मिलते हैं। उन्होंने कहा कि शव का अंतिम संस्कार सम्मान से करना चाहिए। यदि कोई भी पुलिसकर्मी इस तरह का कृत्य करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

लकड़ी जलाने के लिए जलाया टायर 
हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह का कहना है कि लकड़ियां गीली होने के कारण आग नहीं पकड़ रही थीं। इसलिए उसने लकड़ी जलाने के लिए गाड़ी के टायर का प्रयोग किया। आग लगाने के लिए गाड़ी का टायर जलाया गया था। जब लकड़ी में आग लग गई तो टायर हटा दिया था। उसने एसपी से लिखित में गलती भी मानी है। 

सुधरने को तैयार नहीं पुलिस कर्मी 
बागपत जिले में शव से दुर्गति का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यमुना खादर में पुलिसकर्मियों द्वारा इसी तरह से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया गया। लकड़ी की जगह कभी घास-फूंस तो कभी मिट्टी का तेल छिड़क कर शवों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है।  

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed