उत्तर प्रदेश में इस गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर लगाकर पलायन की चेतावनी दी। तस्वीरों के साथ जानिए क्या पूरा मामला।
यूपी: गांव के लोगों ने दी पलायन की चेतावनी, घरों पर लिखवाया 'मकान बिकाऊ' हैं, तस्वीरें
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मामला सुलझ गया
मेरठ में ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के नूरनगर में मिठाई विक्रेता जॉनी की दुकान पर हुए बखेड़े के बाद लिसाड़ी गांव में सांप्रदायिक सद्भाव पर संकट पैदा होता दिख रहा है। गांव के दूसरे समुदाय के 15-20 लोगों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर लगाकर पलायन की चेतावनी दी। वहीं, पुलिस अफसरों का कहना है कि यह सब दबाव बनाने की रणनीति के तहत हो रहा है। किसी को शिकायत है तो पुलिस-प्रशासनिक अफसरों से शिकायत करे।
बीती 21 जून को नूर नगर में मिठाई विक्रेता जॉनी की दुकान के बाहर भट्ठी में बाइक की टक्कर लगने पर सांप्रदायिक विवाद हो गया था। जॉनी ने लिसाड़ी गांव के चांद, गांधी, सरफराज, समीर, इदरीश, शमी, आदि के खिलाफ नामजद और अन्य के खिलाफ मारपीट, बलवे और लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। लोगों का आरोप था कि उक्त आरोपी दबंगई के बूते यहां अपना होल्ड करना चाहते हैं। विरोध करने वालों का ये मुंह बंद करना चाहते हैं। जॉनी के हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई थी।
इसी मसले को लेकर बुधवार देर रात लिसाड़ी गांव के दूसरे समुदाय के 15-20 लोगों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए। बलवे के आरोपी गांधी के भाई फिरोज ने बताया कि इस घटना के अगले दिन दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे पीटा था। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है। दबिश देकर दो आरोपी गिरफ्तार भी कर लिए गए।
गांव के बसपा नेता हाजी नूर सैफी का कहना है कि गांव में दोनों समुदाय के लोग शांतिपूर्ण ढंग से रहते हैं। लेकिन कुछ समय से कुछ लोग बेवजह मामूली बातों को सांप्रदायिक तूल देने लगे हैं। जिससे गांव का भाईचारा खत्म हो रहा है। इस कारण गांव में रहने का मन नहीं करता। इसी वजह से अपने घर बेचकर जाने पर विचार करना पड़ा। इसके अलावा हाजी गुलमोहम्मद अलाउद्दीन, जान मोहम्मद, सइदुद्दीन, रहीसुद्दीन, अनीस, नौशाद, इदरीश आदि ने पोस्टर लगाए थे।
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