UP Nikay Chunav: मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण हुआ तो बदल जाएंगे राजनीतिक समीकरण, अखिलेश के रोड शो पर टिकी नजर
मेरठ में आज होने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रोड शो पर राजनीतिक पार्टियों की निगाहें टिकी हैं कि क्या वह मुस्लिमों का दिल जीत पाएंगे। दरअसल, मेरठ में नगर निकाय चुनाव निर्णायक मोड़ पर है। ऐसे में यदि मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण होता है तो चुनाव के समीकरण बदल जाएंगे।
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मेरठ शहर की राजनीति मुस्लिम मतों के रुझान पर निर्भर करेगी। मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण हुआ तो नगर निगम में राजनीति के सारे समीकरण बदल जाएगें। इसके चलते बसपा, सपा और कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के साथ-साथ भाजपा की निगाहें भी मुस्लिम मतों पर टिकी हैं। बसपा और सपा दोनों ही दल मुस्लिमों को अपना परंपरागम वोट मानकर जीत के दावे कर रहे हैं। वहीं भाजपा ने अपना राजनीतिक दांव खेलते हुए 21 मुस्लिम पार्षद प्रत्याशी मैदान में उताकर मुस्लिम मतों में सेंध लगाने का काम किया है।
महानगर में 3.85 लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता बताए जाते हैं। मुस्लिम क्षेत्रों में हर चुनाव में 65 से 80 प्रतिशत तक मतदान होता रहा है। मुस्लिम वोटों की बरसात सबसे अधिक किस दल के लिए होगी यह तो 11 मई को मतदान का दिन ही तय करेगा। लेकिन उससे पहले सभी राजनीतिक पार्टियां मुस्लिम मतों को लुभाने के लिए अपने-अपने दावे कर रही हैं।
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सपा, रालोद गठबंधन से महापौर प्रत्याशी सीमा प्रधान ने टिकट की घोषणा से पहले ही मुस्लिम, दलित समेत सभी समाजों में दस्तक दे दी थी। इनके पति सरधना विधायक अतुल प्रधान और सीमा प्रधान ने मुस्लिम क्षेत्रों की हर गली में प्रचार रथ घुमाया।
बसपा प्रत्याशी हशमत मलिक भी मुस्लिम मतों में सेंध लगाते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी नसीम कुरैशी भी अपने समाज को साथ लेकर चुनाव प्रचार में जुटे हैं। दिल्ली में आप सरकार के एजेंडे पर आप से महापौर प्रत्याशी ऋचा सिंह भी मुस्लिमों में सेंध लगाने का काम कर रही हैं।
एआईएमआईएम प्रत्याशी अनस की भी मुस्लिम मतों में अपनी दावेदारी है। भाजपा भी 21 मुस्लिम पार्षद प्रत्याशी मैदान में इस गणित में है कि अगर एक भाजपा मुस्लिम प्रत्याशी ने अपने वार्ड से भाजपा महापौर प्रत्याशी को 500 वोट भी ट्रांसफर कराए तो 10,500 मुस्लिम मत भाजपा के खाते में पहुंच जाएंगे। जो भाजपा के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
इन सबके बीच मुस्लिम सभी प्रत्याशियों के साथ प्रचार में शामिल हैं, लेकिन स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं हैं। मुस्लिमों का एक बड़ा तबका भाजपा को हराने वाले प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने का दावा करता है। वहीं कुछ मुस्लिम समाज के लोग मुस्लिम मतों के बंटवारे की बात कर रहे हैं। चर्चा यह भी है कि 11 मई से पहले महापौर प्रत्याशियों की हारजीत का गणित भांपने के बाद ही मुस्लिम समाज मतदान का निर्णय लेगा।
अखिलेश का रोड शो बदल सकता है मुस्लिमों का मिजाज
मुस्लिमों को साधने के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव मेरठ में रोड शो करने पहुंच रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या अखिलेश मुस्लिम समाज को विधानसभा चुनाव की तरह सपा से जोड़ पाएंगे या फिर स्थानीय नेताओं का जादू चलेगा।
विधानसभावार मुस्लिम मतदाता (अनुमानित)
मेरठ शहर 1.65 लाख
मेरठ दक्षिण 1.65 लाख
मेरठ कैंट 55 हजार
मुस्लिम मतों का बंटना तय है। मुस्लिम एक नए दल का भी मेरठ में भविष्य बनाने की तैयारी में हैं। भाजपा के महापौर से मुस्लिमों को कोई दिक्कत नहीं रही है। - हाजी इरफान, श्यामनगर
मुस्लिम मत कहां जाएगा,अभी यह फाइनल नहीं है। मतदान से एक दिन पहले असली तस्वीर सामने आएगी। पार्षद प्रत्याशियों ने समीकरण उथल पुथल किए हुए हैं। - निजाम गाजी, विकासपुरी
मुस्लिम अभी नहीं समझ पा रहा है कि कहां जाए। अभी तक मुस्लिम कई भागों में बंट रहा है। हालांकि अभी समय है,अंत में भी समीकरण बदल सकते हैं। - गुफरान अहमद जैदी, लोहियानगर