UP Nikay Chunav: बसपा नेताओं में हलचल तेज, रालोद के दावेदारों ने ठोकी ताल, सपा के उम्मीदवारों का ये हाल
UP Nikay Chunav 2023 : निकाय चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के बाद बसपा नेताओं में हलचल तेज हो गई है। वहीं, रालोद के दावेदारों ने भी ताल ठोकी है। जानिए सपा के उम्मीदवारों का क्या हाल है।
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मेरठ में नगर निगम की सीट ओबीसी के लिए प्रस्तावित होते ही दावेदारों में जोश देखा जा रहा है। वहीं बसपा पार्टी में हलचल तेज हो गई है। उधर, रालोद के दावेदारों ने भी ताल ठोकी है। इनके अलावा सपा के दावेदारों ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
निकाय चुनाव में सभी सियासी दलों के साथ ही बसपा में भी हलचल तेज हो गई है। बसपा की ओर से अभी किसी दावेदार का नाम नहीं बताया जा रहा है, इसके बावजूद जात-बिरादरी के जरिए कई दावेदार ताल ठोक रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जाट, मुस्लिम और गुर्जर बिरादरी के एक दर्जन लोग सियासी रण में कूदने को आतुर हैं। पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक बीते दिनों साफ तौर पर महापौर की दावेदारी के लिए ताल ठोक चुके हैं। हालांकि पत्रकार वार्ता में एलान के बाद से वह पार्टी की किसी भी गतिविधि में नजर नहीं आए।
वहीं, किठौर से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके केपी मावी को भी दावेदार माना जा रहा है। मावी के साथ ही गुर्जर बिरादरी से डॉ. किशनपाल भी टिकट की दौड़ में आगे बने हुए हैं। वहीं पिछड़े समाज से जुड़े दीपक राणा भी जोर आजमाइश में लगे हुए हैं। गंगानगर में पार्टी से पार्षद रहे जयवीर प्रधान की दावेदारी को भी मजबूत आंका जा रहा है। इसी के साथ हसमत मलिक का नाम भी दावेदारों की फेहरिस्त में माना जा रहा है।
महापौर पद के लिए रालोद के दावेदारों ने ठोकी ताल
मेरठ में नगर निकाय चुनाव के लिए राष्ट्रीय लोकदल ने तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी में मेरठ से महापौर का चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने भी ताल ठोक दी है। माना जा रहा है कि पार्टी सपा के साथ मिलकर निकाय चुनाव लड़ेगी। रालोद नेताओं का दावा है कि पार्टी में महापौर का चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है।
रालोद के जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़ ने बताया कि पार्टी से महापौर पद के दावेदारों में डॉ. राजकुमार सांगवान, सुनील रोहटा, मनीषा अहलावत, हशमत मलिक, कलवा कुरैशी, राम मेहर सिंह, सुभाष गुर्जर, विनय मल्लाहपुर समेत आदि नाम सामने आए हैं। मतलूब ने बताया कि आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होते ही पार्टी ने एक समिति का भी गठन कर दिया है, जो प्रतिदिन दिल्ली रोड स्थित महानगर कार्यालय में एक अप्रैल से दावेदारों के आवेदन प्राप्त करेगी। समिति में कु. संगीता दोहरे, आतिर रिजवी, सीपी सिंह, गौरव जाटौली, अशोक चौधरी, नरेंद्र सिंह को शामिल किया गया है।
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अतुल प्रधान और रफीक अंसारी में होगी जोर आजमाइश
मौजूदा महापौर सुनीता वर्मा और उनके पति पूर्व विधायक योगेश वर्मा को आरक्षण जारी होने से झटका लगा है। वे फिर से नगर निगम चुनाव के मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए यह सीट आरक्षित होने के बाद अब सरधना से विधायक अतुल प्रधान और शहर विधायक रफीक अंसारी के बीच टिकट को लेकर जोर आजमाइश हो सकती है। अतुल प्रधान अपनी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान को चुनाव लड़ाना चाहते हैं और रफीक अंसारी अपनी पत्नी खुर्शीदा को। दोनों ने इसके लिए आवेदन भी किए हुए हैं। इनके अलावा सपा से गूमी गांव के कर्मवीर गूमी ने आवेदन किया हुआ है। सपा नेता जितेंद्र गुर्जर और जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक अपनी माता के लिए भी ताल ठोक रहे हैं।
इस बार निगम चुनाव में समाजवादी पार्टी की कठिन परीक्षा होगी। अभी तक सपा अपने बूते पर महापौर का चुनाव नहीं जीत सकी है। सुनीता वर्मा भी जब चुनाव जीती थीं तो वह बसपा में थीं। इसके बाद सपा में शामिल हुई थीं। साल 2006 में महापौर पद पर सपा समर्थित लीलावती की जमानत जब्त हुई थी और 10 पार्षद बने थे। नगर पंचायत लावड़ में जीत हुई थी।
साल 2012 में सपा समर्थित महापौर प्रत्याशी रफीक अंसारी हारे थे और चार पार्षद जीते थे। साल 2017 में महापौर प्रत्याशी दीपू मनोठिया हारीं और चार पार्षद जीते थे। नगर पालिका सरधना में जीत हुई थी।
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एससी होनी चाहिए थी सीट : योगेश वर्मा
पूर्व विधायक योगेश वर्मा का कहना है कि आरक्षण नियमानुसार नहीं हुआ है। सीट एससी या फिर सामान्य होनी चाहिए थी। सपाई हैं, जो भी लड़ेगा उसे जिताएंगे।
टिकट की रेस में हैं, मजबूती से लड़ेंगे
विधायक अतुल प्रधान का कहना है कि टिकट की रेस में हैं। अगर पार्टी टिकट देती है तो सीमा प्रधान मजबूती से चुनाव लड़ेंगी और जीतेंगी।
दावेदार हैं, टिकट मिला तो जीतेंगे
विधायक रफीक अंसारी का कहना है कि महापौर सीट पर चुनाव लड़ने के दावेदार हैं। पार्टी ने टिकट दिया तो चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।
रालोद को गई सीट तो धरी रह जाएंगी सपाइयों की तैयारियां
नगर निकाय चुनाव समाजवादी पार्टी और रालोद मिलकर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में मेरठ की महापौर सीट अगर रालोद के खाते में चली गई तो दावेदारी ठोक रहे सपाई हाथ मलते रह जाएंगे। ऐसा अंदेशा भी जताया जा रहा है कि सीट रालोद के खाते में जा सकती है। सपाइयों की आपसी खींचतान भी इसकी वजह बन सकती है।
पिछड़ा वर्ग के दावेदार हुए सक्रिय
महानगर से महापौर बनने का सपना देखने वाले सामान्य जाति के नेताओं को इस आरक्षण सूची ने भी झटका दे दिया है। आरक्षण सूची में मेरठ पिछड़े वर्ग के लिए घोषित होते ही कांग्रेस में भी पिछड़े वर्ग के दावेदार सक्रिय हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण को लेकर जारी निर्देश के बाद मेरठ में सामान्य वर्ग के कई कांग्रेसी दावेदारों ने उम्मीद जताई थी कि सामान्य वर्ग के लिए महापौर सीट तय हो जाने पर वे चुनाव लड़ेंगे लेकिन बृहस्पतिवार को जारी आरक्षण सूची से सामान्य वर्ग को झटका लगा। महानगर की महापौर सीट पिछड़ा वर्ग के खाते में चली गई। हालांकि पहले भी आरक्षण सूची जारी होने पर मेरठ महानगर की महापौर सीट पिछड़ा वर्ग के खाते में ही गई थी, जिसपर आपत्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को नए सिरे से जारी करने के निर्देश दिए थे लेकिन दूसरी बार जारी आरक्षण भी सामान्य जाति के नेताओं के लिए मायूसी लेकर आया है।
कांग्रेस से महापौर पद के लिए सामान्य जाति में किशन कुमार किशनी, आदित्य शर्मा, सतीश शर्मा, महेंद्र शर्मा, डॉ. दिनेश मोहन शर्मा, रंजन शर्मा सहित महापौर प्रत्याशी के लिए दावेदार थे।
आरक्षण सूची में महापौर सीट पिछड़ा वर्ग के लिए घोषिथ होने पर रोहित राणा, धूम सिंह गुर्जर, डॉ. यूसुफ कुरैशी, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी, देशपाल गुर्जर, चौधरी यशपाल सहित कई नाम दावेदारी में सामने आ रहे हैं। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद जल्द प्रत्याशी की घोषणा हो सकती है। इसी के साथ पार्षद पद के लिए प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि मेरठ के सभी वार्डों से दावेदारों की लंबी लाइन है।
हाईकमान तय करेगा प्रत्याशी
पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों की सूची पहले से ही कांग्रेस हाईकमान के पास है। हाईकमान द्वारा जल्द प्रत्याशी की घोषणा होने की उम्मीद है। - अवनीश काजला, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
सपा के साथ मिलकर लड़ेगा रालोद
पार्टी मजबूती के साथ सपा के साथ मिलकर निकाय चुनाव लड़ेेगी। पार्टी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के सभी पदों पर चुनाव लड़ेगी। - मतलूब गौड़, जिलाध्यक्ष, रालोद
दावेदारों की जल्द बनाएंगे सूची
अभी किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। बैठक कर दावेदारों की सूची बनाई जाएगी। इसके बाद इसमें से मजबूत उम्मीदवारों के नाम पार्टी आलाकमान को भेजे जाएंगे। - मोहित आनंद, जिलाध्यक्ष, बसपा
कोर कमेटी की बैठक के बाद घोषित होगी सूची
निकाय चुनाव में पार्टी पिछली बार से दोगुनी सीटों पर जीत हासिल करेगी। प्रत्याशियों की घोषणा कोर कमेटी की बैठक के बाद होगी। - विमल शर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
हाईकमान तय करेंगे टिकट
सारी प्रक्रिया पहले ही पूरी हो गई थी। अब आरक्षण तय हो गया है। सपा हाईकमान टिकट तय करेंगे। जल्द टिकट तय हो जाएगा। - राजपाल सिंह, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, सपा