यूपी: बीडीओ व पंचायत अधिकारी की गाड़ी को रोककर धक्का-मुक्की, पुलिस ने लाठियां फटकार खदेड़ा
शामली में चौसाना क्षेत्र के गांव पांथुपुरा में लोहिया आवासों का धन हड़पने की शिकायत पर जांच के लिए पहुंचे प्रभारी बीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी को ग्रामीणों ने घेर लिया और धक्कामुक्की की। सूचना पर पुलिस पहुंची और भीड़ को लाठियां फटकार कर तितर-बितर किया। मामले में प्रभारी बीडीओ की ओर से चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई है। शाम तक दोनों पक्षों में बातचीत चलने के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
क्षेत्र के गाव पांथुपुरा में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर 2017-18 में तीन लोहिया आवासों के लिए आए धन को झांसा देकर हड़पने का आरोप लगाया था। डीएम से की गई शिकायत के बाद प्रभारी बीडीओ (एडीओ सहकारिता) मुकेश कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन कुमार जांच के लिए गांव में पहुंचे। शिकायतकर्ताओं ने बातचीत कर पासबुक को देखा। जांच में धनराशि पात्रों के बैंक खाते में आने की जानकारी हुई, जिसके बाद जांच टीम वापस लौटने लगी। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध कर दिया और जांच अधिकारियों को घेर लिया। ग्रामीणों ने उनकी कार के सामने साइकिलें खड़ी कर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया और धक्कामुक्की शुरू कर दी। अधिकारियों ने कार में बैठकर शीशे बंद कर लिए और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सूचना पर डायल 112 मौके पर पहुंची तो वहां मामला बढ़ता देख चौकी पुलिस को बुला लिया गया। हालात काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया। प्रभारी बीडीओ व ग्राम विकास अधिकारी की ओर से चौसाना चौकी पर चार लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी। चौकी इंचार्ज ने बताया कि उन्हें तहरीर मिली थी लेकिन दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है। फिलहाल उन्होंने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।
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ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रशासनिक जांच की मांग
पांथुपूरा में 2016-17 में आठ लोगों को लोहिया आवास का लाभ मिला था। इनमें से राजेश देवी, संगीता देवी व कमलेश देवी का आरोप है कि उनके लोहिया आवास अपूर्ण हैं। सरकार से जो पैसा पात्रों को प्राप्त हुआ था उसमें ग्राम प्रधान ने झांसा देकर पैसा वापस ले लिया। जिससे आवास पूर्ण नहीं हो सके। पात्रों ने मामले की उच्चाधिकारियों से जांच कराने की मांग की है।
बोले ग्राम प्रधान...
दो किस्त पात्रों को प्राप्त हुई है। पात्रों ने 1000 फीट पर लिंटर डालकर मकान बनाए थे जिसके कारण इनके पास पैसे की कमी हो गई। कच्चे मकान होने के कारण इनको इंदिरा आवास योजना का लाभ मिलना था, लेकिन इन लोगों ने पंचायत सचिव से बात कर अपने मकान को लोहिया आवास योजना में स्थानांतरित करा लिया था। इनको 2.75 लाख का लाभ मिला। विपक्षी होने के कारण उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। - विनोद कुमार, ग्राम प्रधान
लोहिया आवासों की जांच के लिए गांव गए थे। आरोप था कि ग्राम प्रधान ने झांसा देकर पैसे निकाल लिए। ग्रामीणों ने विरोध किया। धक्कामुक्की और गाली गलौच की गई। - मुकेश कुमार, बीडीओ
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