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UP News: तीन दोस्तों की मौत पर मेरठ से शामली तक मातम, कार में बिखरा पड़ा था खून, हाईवे पर थे कांच के टुकड़े
Sun, 08 Sep 2024 10:00 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 08 Sep 2024 10:00 PM IST
सार
मेरठ में हुआ हादसा इतना भीषण था कि जब टक्कर लगी तो ऐसा लगा मानो कहीं बम फट गया हो। पोस्टमार्टम हाउस पर बैठे परिजन बुरी तरह विलाप कर रहे थे।
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पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े परिजन और रिश्तेदार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ में हुए हादसे में तीन दोस्तों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शामली से लेकर मेरठ तक गम का माहौल है। जितेंद्र और मनोज के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर एक किनारे बैठे हुए थे। सिर पर हाथ धरे बैठे परिजनों ने बताया कि हमारा तो जवान बेटा चला गया, इससे बड़ा गम और कोई नहीं हो सकता। वह हमें जिंदगी भर का गम दे गया। छुर गांव के रहने वाले राजकुमार के घर और परिजनों में मातम पसरा हुआ था।
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पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
मनोज के चाचा मांगेराम ने बताया कि वह परिवार के साथ मेरठ में रहते थे। दिल्ली पोस्ट ऑफिस में नौकरी के लिए रोजाना कार से आवागमन करते थे। परिवार में मां चंद्रो देवी, बहन अनीता, पत्नी विजेता व 17 वर्षीय पुत्र यश पंवार है। दूसरी तरफ गांव भनेड़ा निवासी जितेंद्र के भाई धर्मेंद्र यूपी पुलिस मेरठ में तैनात हैं। उसने बताया कि जितेंद्र अविवाहित थे। दो दिन पूर्व वे दिल्ली किसी कार्य से गए थे। वहां से लौटते समय हादसे में उनकी मौत हो गई।
गांव छुर निवासी राजकुमार बड़ौत रोडवेज डिपो में संविदाकर्मी थे। रिटायर होने के बाद वह परिवार के साथ मेरठ के सैनिक विहार कंकरखेड़ा में रह रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि राजकुमार के दो बेटे मनीष और अंकित व एक बेटी है। दोनों बेटे मर्चेंट नेवी में हैं। तीनों बच्चों की शादी हो चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को तीनों के शव अपने-अपने गांव पहुंचे। परिजनों ने गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव छुर निवासी राजकुमार बड़ौत रोडवेज डिपो में संविदाकर्मी थे। रिटायर होने के बाद वह परिवार के साथ मेरठ के सैनिक विहार कंकरखेड़ा में रह रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि राजकुमार के दो बेटे मनीष और अंकित व एक बेटी है। दोनों बेटे मर्चेंट नेवी में हैं। तीनों बच्चों की शादी हो चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को तीनों के शव अपने-अपने गांव पहुंचे। परिजनों ने गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
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हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम
नेशनल हाईवे-58 पर शोभापुर फ्लाईओवर पर सड़क हादसे के बाद भीषण जाम लग गया। इस दौरान पुल के दोनों तरफ करीब दो किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई। घटनास्थल हादसे की कहानी बयां कर रहा था। सड़क पर टूटे हुए कांच के टुकड़े पड़े थे। गाड़ी में खून बिखरा पड़ा था। लगभग तीन घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाकर वाहन चालकों को रवाना किया।
नेशनल हाईवे-58 पर शोभापुर फ्लाईओवर पर सड़क हादसे के बाद भीषण जाम लग गया। इस दौरान पुल के दोनों तरफ करीब दो किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई। घटनास्थल हादसे की कहानी बयां कर रहा था। सड़क पर टूटे हुए कांच के टुकड़े पड़े थे। गाड़ी में खून बिखरा पड़ा था। लगभग तीन घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाकर वाहन चालकों को रवाना किया।
हादसे में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई कार।
- फोटो : अमर उजाला
हादसा देखकर कांप गई लोगों की रूह
रात को हुए हादसे को देखकर लोगों की रूह कांप उठी। आसपास के लोग हादसे को देखकर घबरा गए। जितेंद्र के रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। यहां पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर प्रक्रिया पूरी करा रहे थे। इसी दौरान जितेंद्र के रिश्तेदार कपिल कुमार ने बताया कि वहां के लोगों से जब बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि हादसा काफी भीषण था। जिसको देखकर आसपास के लोग भी भयभीत हो गए।
रात को हुए हादसे को देखकर लोगों की रूह कांप उठी। आसपास के लोग हादसे को देखकर घबरा गए। जितेंद्र के रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। यहां पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर प्रक्रिया पूरी करा रहे थे। इसी दौरान जितेंद्र के रिश्तेदार कपिल कुमार ने बताया कि वहां के लोगों से जब बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि हादसा काफी भीषण था। जिसको देखकर आसपास के लोग भी भयभीत हो गए।