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यूूपी के मुख्यमंत्री ने ढाई दशक बाद मेरठ में किया रात्रि विश्राम, सीएम योगी ने बेड से हटवाए गद्दे

Mon, 13 Aug 2018 09:51 AM IST
मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 13 Aug 2018 09:51 AM IST
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UP Chief Minister had a night stay in Meerut after two and a half decades
सुरक्षा के बीच सीएम योगी आदित्य नाथ - फोटो : अमर उजाला

क्रांतिधरा मेरठ के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का आगमन जितना महत्वपूर्ण रहा उतना ही उनका रात्रि विश्राम खास बन गया। भले ही यहां भाजपा कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक थी। लेकिन सीएम योगी का यह दौरा कुछ अलग था।

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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए थे। शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री राजकीय वायुयान से परतापुर हवाई पट्टी पहुंचे थे। जिनके रात्रि विश्राम की व्यवस्था 108 वाहिनी आरएएफ के आफिसर्स मेस (गेस्ट हाउस) में की गई थी। जहां वीवीआईपी रूम, वीआईपी रूम अलग से हैं।

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बेड से हटे गद्दे, बनाया तख्त

रात्रि विश्राम को लेकर जहां आरएएफ में हाई सिक्योरिटी थी। वहीं सीएम सिक्योरिटी के अलावा एनएसजी कमांडो भी तैनात थे। सीएम सिक्योरिटी ने ही वीवीआईपी रूम में डबल बेड को तख्त बना दिया था। बेड से गद्दे हटवा दिए गए थे। एक अधिकारी ने बताया कि एक संत की तरह ही योगी आदित्यनाथ ने रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री रविवार तड़के ही नींद से जाग चुके थे।

ढाई दशक में सीएम का रात्रि विश्राम
यूूपी के मुख्यमंत्री ने पिछले दशक में मेरठ में रात्रि विश्राम किया है। मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव, मायावती, राजनाथ सिंह, और रामप्रकाश गुप्त ने भी मेरठ में रात्रि विश्राम नहीं किया। 1987 के दंगे में मुख्यमंत्री वीर बहादुर भी मेरठ में रुके थे। कल्याण सिंह मुख्यमंत्री हुए भी मेरठ में रात्रि में रुके थे।1967 में चौधरी चरण सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए सर्किट हाउस में अधिकारियों की समीक्षा बैठक करते हुए भी रात्रि विश्राम किया था।

आरएएफ के ऑफिसर्स मेस में प्रदेश के सीएम ने किया पहली बार रात्रि विश्राम

सीएम योगी के सुरक्षा घेरे की बात करें तो आईजी रेंज रामकुमार, डीएम अनिल ढींगरा, एसएसपी राजेश पांडेय ने हवाई पट्टी और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा संभाल रखी थी। वहीं, आरएएफ गेस्ट हाउस में आरएएफ की भी हाई सिक्योरिटी रही। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए 10 एडिशनल एसपी, 25 सीओ, 50 इंस्पेक्टर, 110 सब इंस्पेक्टर, एक हजार सिपाही, छह कंपनी पीएसी लगाई गई थी। लखनऊ से सीएम सिक्योरिटी के लिए स्पेशल कमांडोे आए थे। 

आरएएफ बटालियन के लिए भी गर्व
रैपिड एक्शन फोर्स सीआरपीएफ की विंग है। आरएएफ की दस बटालियन सन 1992 में अस्तित्व में आई थी। पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यहां रात्रि विश्राम किया तो आरएएफ के लिए भी यह आध्यात्मिक अनुभव रहा। देश में इस समय आरएएफ की 15 बटालियन हैं। 108 बटालियन में शैलेंद्र कुमार कमांडेंट हैं।
 

आतंकी इनपुट को देखते हुए आरएएफ ने सीएम योगी का सुरक्षा कवच तैयार किया था। सीएम ने व्यवस्था की सराहना की। वहीं दो दिन की वीआईपी सुरक्षा में अफसरों के पसीने छूटते रहे। खुफिया विभाग से आतंकी हमले का इनपुट मिलने पर सीएम की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यसमिति बैठक के पहले दिन मुख्यमंत्री और गृहमंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे थे। 

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