यूपी: होमगार्डों की ड्यूटी लगाने के नाम पर चल रहा बड़ा खेल, सामने आया ये सच
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में होमगार्डों की ड्यूटी लगाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप पहले से लगते रहे हैं। लेकिन खुद होमगार्ड आखिर शिकयत करें तो कहां करें। अपने ही विभाग के अफसरों से वह डरकर चुप्पी साधे रहते हैं कि कहीं उन पर कार्रवाई न कर दी जाए। शुक्रवार को प्लाटून कमांडर पर पैसे लेने के आरोप लगे हैं।
ट्रैफिक पुलिस को ड्यूटी के लिए 100 होमगार्ड मिले हैं। लेकिन इन होमगार्डों की ड्यूटी को प्लाटून कमांडर देखते हैं। शुक्रवार को पुलिस लाइन में ट्रैफिक कार्यालय से सटे पार्क में एक प्लाटून कमांडर सादा कपड़ों में कुर्सी पर बैठे थे। जहां करीब 20-25 होमगार्ड उनके आसपास थे। आरोप लगे कि यहां ड्यूटी के नाम पर पैसे लिए जा रहे थे। इस बीच यह लेनदेन कैमरे में कैद हुआ तो अफरातफरी के बीच कई होमगार्ड चेहरा छिपाकर इधर-उधर हो गए। एक होमगार्ड ने कैमरे के आगे हाथ अड़ाते हुए फोटो न खींचने को कहा। कई होमगार्डों ने तो नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चल तो यहां बहुत कुछ रहा है। लेकिन शिकायत किससे करें। उन्हें छह हजार रुपये महीना के हिसाब से पैसा मिलता है। उसमें भी ड्यूटी के नाम पर प्रत्येक महीने पैसे पहुंचाने पड़ते हैं।
होमगार्ड कमांडेंट से शिकायत
एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस का कोई भी पुलिसकर्मी या अधिकारी होमगार्डों से पैसा नहीं लेता। लेकिन होमगार्डों के प्लाटून कमांडर का जो मामला सामने आया कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी होमगार्ड कमांडेंट को भेजी जा रही है।
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