यूपी बोर्ड रिजल्ट 2018: 6 कैदियों ने प्रथम श्रेणी से पास की परीक्षा, काट रहे उम्रकैद की सजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर में जुर्म की राह पर भटकी जिंदगी को छह कैदियों ने पढ़ाई के दम पर संवारने का हौसला दिखाया है। उम्रकैद की सजा पाए प्रवीण और जोग्गा सिंह ने इंटरमीडिएट में प्रथम श्रेणी हासिल की है। हाईस्कूल की परीक्षा में सोनू पाल और रामदेव ने शैक्षिक प्रतिभा की चमक बिखेरी है, ये भी आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं। शामली के सूरज मलिक ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयोलोजी में विशेष योग्यता पाई है। बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद जिला कारागार में कैदियों के चेहरे मुस्कान से खिल उठे।
यूपी बोर्ड परीक्षा के घोषित परिणामों में जेल की सलाखों के पीछे बंद मेधा ने सफलता की नई कहानी लिखी है। सूबे में इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 249 कैदियों ने बोर्ड परीक्षा दी थी। सुरक्षा के मद्देनजर कैदियों के लिए जेलों में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश की आठ जेलों में एग्जाम कराए। गाजियाबाद की डासना जेल में वेस्ट यूपी के कैदियों की परीक्षा हुई। आश्चर्य की बात है कि जिला कारागार के छह कैदियों ने खुद की मेहनत से सबको चौका दिया। उम्रकैद की सजा के तनाव के बीच परीक्षा की तैयारी लगन से की। थाना सिविल लाइन के गांव सरवट निवासी प्रवीण पुत्र सुरेंद्रपाल धारा 376 में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है। प्रवीण ने 12 वीं में 70.2 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी हासिल की। उसे बॉयोलाजी में 77 अंक मिले। शामली जिले के गांव करौंदा महाजन निवासी सूरज मलिक पुत्र शिवराज सिंह हत्या के मामले में बंदी है, लेकिन पढ़ाई में उसने हैरत में डाल दिया। उसने 12 वीं में फिजिक्स में 76, केमिस्ट्री में 75 तथा बॉयोलोजी में 80 अंक पाए है। प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण सूरज 72.6 प्रतिशत अंक पाकर गदगद है। शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र में एक गांव सुंदरनगर है। वहां के किसान सुखविंदर सिंह का पुत्र जोग्गा सिंह धारा 302 में उम्रकैद की सजा काट रहा है। जोग्गा सिंह ने भी इंटरमीडिएट में 71.6 प्रतिशत से प्रथम श्रेणी पाई है। उसे बॉयोलोजी में 79 प्रतिशत मिले है।
पढ़ें : यूपी बोर्ड रिजल्ट 2018: टॉप टेन की सूची में शुमार दिव्या- सुशांत, ये रहे पांच जिलों के टॉपर
हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में भी तीन कैदियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की। शहर के मोहल्ला जसवंतपुरी निवासी सुखनपाल का बेटा सोनू पाल धारा 376 में आजीवन कारावास का कैदी है। जेल में रहते हुए उसने पढ़ाई करने की ठानी और अपने मकसद में सफल रहा। 78.6 प्रतिशत अंकों से प्रथम श्रेणी पाने वाले सोनू को हिंदी को 85, विज्ञान में 75, सामाजिक विज्ञान में 83 और कला में 86 नंबर मिले है। शामली के मौहल्ला नाला पट्टी शास्त्रीनगर के रामदेव सिंह पुत्र कर्ण सिंह हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है। उसने 68 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी प्राप्त की। हिंदी में 82 अंक पाए। सहारनपुर के थाना गागलहेड़ी के नवादा गांव निवासी अशोक यादव पुत्र रहतू धारा 376 में सात वर्ष का कारावास भुगत रहा है। उसने हिंदी में 75 अंकों के साथ हाईस्कूल परीक्षा में 66.7 प्रतिशत अंक पाकर प्रथम श्रेणी हासिल की। कैदियों की बोर्ड परीक्षा में कामयाबी से जेल में खुशियां छाई है।
सफल कैदियों का सम्मान होगा
जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के घोषित परिणाम में कारागार के छह बंदियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की। इंटरमीडिएट और हाईस्कूल में तीन-तीन कैदियों ने शिक्षा में अपनी योग्यता साबित की। जेलर एके त्रिपाठी ने कहा कि कैदियों की सफलता से अन्य बंदियों और कैदियों को भी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी। सफल कैदियों को समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/