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UP: अब मेरठ में भी पिटबुल जैसे खुंखार कुत्ते पालने के लिए लेने होगी अनुमति, बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा

Wed, 19 Oct 2022 12:08 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 19 Oct 2022 12:08 PM IST
सार

मेरठ में निगम बोर्ड की आज बैठक आयोजित की जा रही है। यहां पहुंची महापौर सुनीता वर्मा ने मुलायम सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर बैठक शुरू कराई। वहीं बैठक में फैसला लिया गया कि अब खुंखार कुत्ते पालने के लिए अनुमति लेनी आवश्यक होगी। 

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UP: After Kanpur, Ghaziabad, permission will have to be taken to raise fierce dogs in Meerut too
पिटबुल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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मेरठ में आज निगम बोर्ड की बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में पहुंची महापौर सुनीता वर्मा ने बैठक शुरू करने से पहले मुलायम सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर मीटिंग शुरू कराई। वहीं बोर्ड की बैठक शुरू होने से पहले ही नगर निगम सफाई कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सभासद एहसान अंसारी मीटिंग हॉल में ही धरने पर बैठ गए। वहीं बैठे के दौरान सभासद व पार्षद आपस में भिड़ गए। इस दौरान खूब धक्का मुक्की हुई। फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई है। 


आपस में भिड़े सभासद व पार्षद, खूब चलीं पानी की बोतलें
निगम की बोर्ड बैठक में सभासद आपस में भिड़ गए। यहां तक कि मारपीट की नोबत आ गई। इस दौरान एक दूसरे पर पानी की बोतलें फेंक कर मारीं। पुलिस ने बीच बचाव कराने का प्रयास किया तो सभासद पुलिस से भी भिड़ गए। इस बीच खूब धक्का मुक्की हुई। 

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टाउन हॉल में चल रही है मेरठ नगर निगम बोर्ड बैठक में धरना देकर बैठे पार्षद अहसान अंसारी, कहा-मेरा अपमान किया गया, आखिर कौन है उसका जिम्मेदार? पार्षद होने के बावजूद मुझे जनसुनवाई से धक्के देकर क्यों निकाला गया।  
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विभिन्न मांगों को लेकर सभासदों व पार्षदों के बीच खूब कहासुनी, नोकझोंक व धक्का मुक्की हुई। बताया कि मेयर खेमे के पार्षद और बीजेपी पार्षदों में धक्का-मुक्की हुई। पार्षदों में हाथापाई के बाद पुलिस भी बुलाई गई लेकिन भाजपा पार्षद पुलिस से भी उलझ गए। बताया गया कि भाजपा पार्षदों ने मेयर खेमे को विरोधी बता दिया था जिस पर मेयर खेमे के पार्षद भड़क गए। 

UP: After Kanpur, Ghaziabad, permission will have to be taken to raise fierce dogs in Meerut too
धरना प्रदर्शन करते सफाईकर्मी - फोटो : अमर उजाला

नामांतरण शुल्क वसूली  और धारा 213 के नोटिस पर रोक लगाई जाए 
मेरठ नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का 16,500 रुपए वेतन करने की मेयर सुनीता वर्मा और नगरायुक्त अमित पाल शर्मा से मांग की। इस दौरान बैठक में पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने भी हंगामा किया। समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर जोरदार हंगामा, सफाई कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।

माना जा रहा है कि वर्तमान बोर्ड की अगली बैठक से पहले ही चुनाव की घोषणा हो जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों को उम्मीद है कि इस बैठक में पार्षद टैक्स का बोझ कम करने सुविधाएं बढ़ाने के लिए लड़ेंगे। हालांकि फिर से बोर्ड बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई और कार्रवाई रोक दी गई।


बता दें कि शहर की सड़कें जर्जर हैं। रोज हादसे हो रहे हैं। लोहियानगर में कूड़े का पहाड़ लगा है। इन सब समस्याओं के बावजूद पार्षद आपसी खींचतान में ही लगे रहे हैं। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रंजन शर्मा दावा करते  हैं कि अफसरों ने पास प्रस्तावों पर भी कार्य नहीं किया। पूर्व पार्षद शाहिद अब्बासी ने कहा कि निगम के अधिकारी जनता के साथ धोखा कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Meerut: किसान मेले में गोलू-टू की धूम, उम्र साढ़े चार साल, दस करोड़ है कीमत, खाता है घी और ड्राईफ्रूट्स

महापौर ने भी अपनी भूमिका नहीं निभाई। बैठकों में पास प्रस्तावों को कार्यवृत्त में भी शामिल नहीं किया जाता। पूर्व पार्षद सतीश गर्ग ने कहा कि पार्षदों को जनहित के प्रस्तावों पर प्राथमिकता से पास करना चाहिए।

पूर्व पार्षद सुधीर एडवोकेट कहते हैं कि अंतिम बोर्ड बैठक में भी अगर जनहित के मुद्दे नहीं उठाए तो जनता जिम्मेदारों को गिरा देगी। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि पार्षदों को दलगत राजनीति से ऊपर जनता के हित में ठोस निर्णय लेने चाहिए।  संयुक्त व्यापार संघ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल ने कहा कि इस बार पार्षद जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। 

पुनरीक्षित बजट पर सवाल, एजेंडे पर विवाद 
नियमानुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 का पुनरीक्षित बजट के पहले कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाना था। कैबिनेट में पास होने वाले प्रस्तावों को बोर्ड पास करता है। पार्षदों ने महापौर सुनीता वर्मा से शिकायत की तो महापौर ने नगरायुक्त को पत्र जारी करके पुनरीक्षित बजट की बैठक और उप नियमों पर चर्चा के लिए बोर्ड बैठक के बाद निगम कार्यकारिणी बुलाने की बात कही है।

बोर्ड बैठक के जारी एजेंडे पर विवाद शुरू हो गया है। मूलबजट में 7481249 करोड़ रुपये और पुनरीक्षित बजट में 7966041 करोड़ रुपये रखा है। कुल मिलाकर पुनरीक्षित बजट में लगभग 48 करोड़ रुपये अधिक रखे गए हैं। पुनरीक्षित बजट प्रस्ताव में आय पक्ष की बात करें तो राज्य वित्त से 20 करोड़ रुपये दर्शाए गए हैं।
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