Umeshpal Murder Case: अतीक का बेटा असद भी आया था मेरठ, बहनोई अखलाक के खिलाफ अब होगी ये बड़ी कार्रवाई
प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल अतीक के बहनोई डॉ. अखलाक का वीडियो वायरल होने के बाद आरोपियों की धरपकड़ तेज हो गई है। वहीं अखलाक की सरकारी सेवाएं बर्खास्त करने की भी तैयारी शुरू हो गई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अतीक का बेटा असद भी अखलाक के घर आया था।
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प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल डॉ. अखलाक का शूटरों के साथ वीडियो वायरल हुआ है। यह मामला संज्ञान में आने के बाद उसे सरकारी सेवा भी बर्खास्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
डॉ. अखलाक की गिरफ्तारी के बाद सीएमओ डाॅ. अखिलेश मोहन ने शासन को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी है। हालांकि बर्खास्तगी को लेकर शासन की ओर से ही आदेश जारी किए जाएंगे। विभाग में डॉ. अखलाक की नियुक्ति जून 2000 में हुई थी। वर्ष 2013 से वह भावनपुर सीएचसी में तैनात था। हत्याकांड के बाद शूटर गुड्डू को भी डॉ. अखलाक ने अपने घर में पनाह दी थी और उसे खर्च के लिए 50000 रुपये भी दिए थे।
शूटर गुड्डू को लगाया गले, स्कूटी में छिपाई थी डीवीआर
शूटर गुड्डू का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह डॉ. अखलाक के भवानीनगर स्थित घर का बताया जा रहा है। वीडियो पांच मार्च तड़के 5:53 बजे का है। इसमें गुड्डू मुस्लिम एक बैग लेकर आता है और कुर्सी पर बैठ जाता है। इसके बाद अखलाक कमरे के अंदर से आता है और गुड्डू शूटर को गले लगाता है। फिर सभी कमरे में चले जाते हैं।
स्कूटी की डिग्गी में छिपाई थी डीवीआर
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक हत्याकांड के बाद शूटर गुड्डू मेरठ पहुंचा था। शनिवार रात पुलिस ने अखलाक को गिरफ्तार कर लिया था। उस समय डॉक्टर अखलाक मना करता रहा कि गुड्डू यहां नहीं आया, लेकिन जब उसके घर के सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो डीवीआर गायब मिली। तलाशी के दौरान डीवीआर घर में खड़ी स्कूटी की डिग्गी से बरामद की गई थी। यह वीडियो उसी डीवीआर में थे।
अतीक का बेटा भी आया था अखलाक के घर
जांच में यह भी सामने आया कि हत्याकांड के बाद माफिया अतीक का बेटा भी दो साथियों के साथ घर पर आया था। पुलिस को उसकी भनक भी लग गई थी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उमेश पाल हत्याकांड के मामले में फिलहाल अतीक का बेटा असद, गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अरमान और मोहम्मद गुलाम फरार हैं। जिन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है।
डॉ. अखलाक को लेकर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है। उन्हें स्वास्थ्य सेवा से बर्खास्त किया जाएगा या फिर नहीं, इस बारे में भी कुछ नहीं कह सकता। उच्च अधिकारियों के जो भी आदेश होंगे, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. अखिलेश मोहन, सीएमओ।