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Meerut News: उधम सिंह ने इंग्लैंड जाकर लिया जलियांवाला कांड का बदला
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उधम सिंह की जयंती पर माल्यार्पण करते कस्बे के लोग स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित उधम सिंह चौक पर स्वामी विवेकानंद राष्ट्रोदय चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में बलिदानी उधम सिंह की जयंती मनाई गई। अध्यक्षता विजय कंबोज व संचालन चरण सिंह ने किया।
मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा के जिला मंत्री सुनील पोसवाल ने कहा कि उनका जन्म पटियाला के सुनाम शहर में 26 दिसंबर 1899 को हुआ था। मां का नाम नरैण कौर और पिता का नाम टहल सिंह था। दो वर्ष की आयु में ही माता और पांच वर्ष की आयु में उनके सिर से पिता का साया उठ गया। परेशानियों से जूझते हुए दसवीं कक्षा पास की। जब जलियांवाला बाग में जलसे के दौरान अंग्रेज गवर्नर माइकल ओ डायर ने निहत्थे भारतीय देश भक्तों पर गोलियां चलवा दी।
बलिदानी उधम सिंह ने जलियांवाला कांड का बदला लेने के लिए अपने बचपन से ही जनरल डायर को मौत के घाट उतारने का उद्देश्य बना लिया था। उन्होंने इंग्लैंड में जाकर असेंबली में अपने उद्देश्य को पूरा किया। तभी अंग्रेज अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और 31 जुलाई 1940 को फांसी की सजा दे दी।
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सभी ने बलिदानी उधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर सरदार सर्वजीत टुरना, प्रभुदयाल कंबोज, दीपक, आयुष, प्रदीप, सुरेंद्र सिंह, हरीश त्यागी, नरेंद्र, अभिषेक, आलोक आदि मौजूद रहे।
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हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित उधम सिंह चौक पर स्वामी विवेकानंद राष्ट्रोदय चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में बलिदानी उधम सिंह की जयंती मनाई गई। अध्यक्षता विजय कंबोज व संचालन चरण सिंह ने किया।
मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा के जिला मंत्री सुनील पोसवाल ने कहा कि उनका जन्म पटियाला के सुनाम शहर में 26 दिसंबर 1899 को हुआ था। मां का नाम नरैण कौर और पिता का नाम टहल सिंह था। दो वर्ष की आयु में ही माता और पांच वर्ष की आयु में उनके सिर से पिता का साया उठ गया। परेशानियों से जूझते हुए दसवीं कक्षा पास की। जब जलियांवाला बाग में जलसे के दौरान अंग्रेज गवर्नर माइकल ओ डायर ने निहत्थे भारतीय देश भक्तों पर गोलियां चलवा दी।
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बलिदानी उधम सिंह ने जलियांवाला कांड का बदला लेने के लिए अपने बचपन से ही जनरल डायर को मौत के घाट उतारने का उद्देश्य बना लिया था। उन्होंने इंग्लैंड में जाकर असेंबली में अपने उद्देश्य को पूरा किया। तभी अंग्रेज अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और 31 जुलाई 1940 को फांसी की सजा दे दी।
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सभी ने बलिदानी उधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर सरदार सर्वजीत टुरना, प्रभुदयाल कंबोज, दीपक, आयुष, प्रदीप, सुरेंद्र सिंह, हरीश त्यागी, नरेंद्र, अभिषेक, आलोक आदि मौजूद रहे।

उधम सिंह की जयंती पर माल्यार्पण करते कस्बे के लोग स्रोत संवाद